पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित ग्वादर जिले के जिवानी इलाके के पनवान क्षेत्र में शुक्रवार शाम पाकिस्तान कोस्ट गार्ड के एक शिविर पर जबरदस्त हमला हुआ। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और दावा किया है कि इसमें कोस्ट गार्ड के 30 से ज्यादा जवान मारे गए हैं, जबकि कई अन्य जवान घायल भी हुए हैं।
विस्फोटकों से लदा ट्रक सीधे शिविर में घुसाया
बीएलए के मुताबिक, यह आत्मघाती हमला संगठन के विशेष दस्ते मजीद ब्रिगेड ने अंजाम दिया। संगठन का कहना है कि हमलावर अताउल्लाह बलोच, जिसे अजमल के नाम से भी जाना जाता है, ने शुक्रवार शाम करीब 6:32 बजे विस्फोटकों से भरा एक माजदा ट्रक सीधे कोस्ट गार्ड के किलेनुमा शिविर में घुसा दिया। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ। बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने बयान जारी कर कहा:
इस शक्तिशाली विस्फोट के कारण कोस्ट गार्ड का किले जैसा बना शिविर पूरी तरह मलबे में बदल गया।
चारों दिशाओं से हुआ समन्वित हमला
संगठन के मीडिया विंग हक्काल ने 43 सेकंड की एक वीडियो क्लिप भी जारी की है, जिसमें विस्फोटक भरा ट्रक शिविर के अंदर घुसते और उसके तुरंत बाद जबरदस्त धमाका होते देखा जा सकता है। इसके बाद जारी की गई अन्य वीडियो में शिविर का बड़ा हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त होने का दावा किया गया है। बीएलए के अनुसार ट्रक में विस्फोट होते ही उसके लड़ाकू दस्ते फतेह स्क्वाड ने चारों दिशाओं से शिविर पर एक साथ हमला बोल दिया।
30 से ज्यादा जवानों के मारे जाने का दावा, आंकड़ा और बढ़ने की आशंका
संगठन के बयान के अनुसार, धमाके के फौरन बाद उसकी अग्रिम टुकड़ी फतेह स्क्वाड ने तेजी से आगे बढ़ते हुए तबाह हो चुके शिविर पर चारों ओर से धावा बोला। बीएलए का दावा है कि फतेह स्क्वाड के लड़ाकों ने बचे हुए कोस्ट गार्ड कर्मियों से आमने-सामने की लड़ाई लड़ी और इस संयुक्त कार्रवाई में 30 से ज्यादा जवानों को मार गिराया गया। प्रवक्ता जीयंद बलोच ने आगे कहा:
घायलों की गंभीर हालत और मलबे में दबे कर्मियों को देखते हुए मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
पाकिस्तानी सेना खामोश, दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
बीएलए ने कहा है कि वह इस पूरे अभियान का ब्योरा जल्द ही अपने आधिकारिक माध्यमों से सामने रखेगा। संगठन ने यह भी दोहराया कि जब तक बलूचिस्तान की पूरी आजादी हासिल नहीं हो जाती, तब तक पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ उसका सशस्त्र अभियान इसी तेजी से जारी रहेगा। दूसरी ओर, पाकिस्तान की सेना और सरकारी अधिकारियों की तरफ से इस हमले में हुई मौतों, घायलों की तादाद या नुकसान को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस वजह से बीएलए के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।












