शनि इस समय मीन राशि में मौजूद हैं और जुलाई महीने में यह वक्री होने वाले हैं। ज्योतिष के मुताबिक 27 जुलाई को शनि वक्री हो जाएंगे और खास बात यह है कि यह उल्टी चाल गुरु यानी बृहस्पति की राशि मीन में ही शुरू होगी। शनि की इस चाल को इस साल के बड़े गोचर में गिना जा रहा है, क्योंकि इसी के साथ साढ़ेसाती से जुड़ी राशियों के समीकरण में भी फेरबदल होने जा रहा है।
वक्री शनि का मतलब और इसका असर
जब कोई ग्रह वक्री होता है तो पृथ्वी से देखने पर वह उल्टी दिशा में चलता हुआ नजर आता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे ग्रह की चाल में बड़ा बदलाव माना जाता है, और इसका असर खासतौर पर उन्हीं राशियों पर पड़ता है, जिन पर उस ग्रह का गोचर या दशा पहले से चल रही होती है। शनि जब वक्री अवस्था में साढ़ेसाती वाली राशियों से गुजरते हैं, तो उन राशियों के जीवन में चल रहे बदलाव और तेज या धीमे हो सकते हैं। यही वजह है कि 27 जुलाई की यह घटना साढ़ेसाती झेल रही राशियों के लिए खास मानी जा रही है।
मकर राशि पर क्या होगा असर
शनि की इस चाल का सीधा असर मकर राशि के जातकों पर बताया गया है। इस दौरान मकर राशि के लोग धन से जुड़ी दिक्कतों से जूझ सकते हैं और उनका खर्च लगातार बढ़ता नजर आएगा। बढ़ते खर्च की वजह से मानसिक परेशानी भी बनी रह सकती है। इसके अलावा वाणी को लेकर भी सावधानी बरतनी होगी, यानी बोलने में जरा सी लापरवाही बात बिगाड़ सकती है। सेहत के मोर्चे पर भी यह समय आसान नहीं रहेगा, गुप्त रोगों की चपेट में आने का खतरा बना रहेगा।
हालांकि इस दौर में राहत की बात भी है। मकर राशि के जातकों के लिए आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं और नए रिश्ते भी बन सकते हैं। लेकिन आमदनी बढ़ने के बावजूद खर्च उससे कहीं ज्यादा बढ़ जाएगा। ये खर्च ऐसे मौकों पर सामने आएंगे कि इन्हें टालना मुमकिन नहीं होगा, यानी चाहकर भी मकर राशि के जातक इनसे बच नहीं पाएंगे।
साढ़ेसाती की राशियों के लिए क्यों अहम है यह गोचर
ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती को जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में गिना जाता है, इसलिए शनि की हर चाल पर बारीकी से नजर रखी जाती है। 27 जुलाई को होने वाला यह वक्री गोचर गुरु यानी बृहस्पति की राशि मीन में हो रहा है, इसलिए इसे और भी अहम माना जा रहा है। इस बदलाव से साढ़ेसाती की चपेट में आई राशियों का समीकरण बदल सकता है, यानी जिन जातकों पर यह प्रभाव पहले से ज्यादा या कम था, उसमें भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।













