ज्योतिष में शनि के गोचर की सबसे ज्यादा चर्चा उस दौर की होती है जिसे साढ़ेसाती कहा जाता है, और इस समय कुंभ, मीन और मेष राशि के जातक इसी दौर से गुजर रहे हैं। हालांकि तीनों राशियों की स्थिति एक जैसी नहीं है, कोई इसके शुरुआती पड़ाव पर है तो कोई अंतिम पड़ाव के करीब पहुंच चुका है।
साढ़ेसाती बनती कैसे है
जन्म कुंडली में जिस राशि पर चंद्रमा बैठा होता है, जब शनि उस राशि से ठीक पहले वाली राशि, उसी राशि और उसके ठीक बाद वाली राशि में गोचर करते हैं, तो इस पूरे दौर को साढ़ेसाती कहा जाता है, यानी चंद्र राशि से 12वें, पहले और दूसरे भाव से गुजरने का समय। शनि की चाल धीमी होने के कारण यह पूरा सफर करीब साढ़े सात साल में पूरा होता है, और इसे तीन बराबर हिस्सों, शुरुआती, मध्य और अंतिम चरण में बांटा जाता है।
मीन राशि: अभी मध्य चरण, राहत के लिए 2029-30 तक इंतजार
मीन राशि के लिए फिलहाल साढ़ेसाती का सबसे भारी माना जाने वाला मध्य चरण चल रहा है। शनि 29 मार्च 2025 को मीन राशि में दाखिल हुए थे, और उसी दिन से मीन राशि पर यह मध्य चरण शुरू हो गया। इस दौर में कामकाज में देरी होने, जिम्मेदारियां अचानक बढ़ने और जरूरी फैसले लेने में मानसिक दबाव महसूस होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। मीन राशि वालों को थोड़ी राहत 3 जून 2027 से मिलनी शुरू होगी, जब शनि कुछ समय के लिए मेष राशि में चले जाएंगे। मगर यह राहत टिकाऊ नहीं रहेगी, क्योंकि शनि 20 अक्टूबर 2027 को फिर से मीन राशि में लौट आएंगे। इसके बाद 23 फरवरी 2028 को जब शनि दोबारा मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तभी मीन राशि साढ़ेसाती के अंतिम चरण में पहुंचेगी। मीन राशि वालों को साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्त होने के लिए 2029-30 तक रुकना होगा, हालांकि अलग-अलग गणना पद्धतियों के हिसाब से अंतिम तारीख में थोड़ा-बहुत अंतर देखने को मिलता है।
मेष राशि: साढ़ेसाती अभी शुरू हुई, असर 2032 तक
मेष राशि के लिए साढ़ेसाती की शुरुआत हो चुकी है। जैसे ही शनि मीन राशि में पहुंचे, मेष राशि पर साढ़ेसाती का पहला यानी शुरुआती चरण आरंभ हो गया, क्योंकि मीन राशि मेष से ठीक 12वें भाव पर पड़ती है। 3 जून 2027 को जब शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तभी से मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का मुख्य चरण शुरू होगा। लेकिन शनि यहां भी सीधे टिके नहीं रहेंगे, अक्टूबर 2027 में वह वापस मीन राशि में चले जाएंगे और फरवरी 2028 में दोबारा मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके बाद मुख्य चरण आगे बढ़ता रहेगा। अगस्त 2029 में शनि वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, और यहीं से मेष राशि के लिए साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा, जो अप्रैल 2030 तक चलने का अनुमान है। इसके बाद कुछ समय के अंतराल के बाद मेष राशि की पूरी साढ़ेसाती करीब मई 2032 में समाप्त मानी जाती है, यानी मेष राशि वालों को तीनों में सबसे लंबा दौर झेलना पड़ेगा।
कुंभ राशि: अंतिम चरण में, 2027-28 तक मिल जाएगी राहत
तीनों राशियों में कुंभ राशि की स्थिति सबसे बेहतर है, क्योंकि यहां साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। कुंभ राशि वालों को 2027-28 तक इससे पूरी तरह राहत मिल जाने की उम्मीद है। यानी जहां मीन राशि अभी मुख्य चरण से गुजर रही है और उसे 2029-30 तक इंतजार करना पड़ सकता है, वहीं मेष राशि के लिए यह सफर सबसे लंबा है और करीब 2032 तक चलेगा।
साढ़ेसाती के दौरान क्या करें
ज्योतिष में साढ़ेसाती को केवल परेशानियों का दौर मानना सही तरीका नहीं है। शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है, इसलिए इस अवधि में मेहनत, अनुशासन और धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जाती है। जो लोग इस दौर में जिम्मेदारी से काम लेते हैं और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचते हैं, उनके लिए यही समय आगे चलकर मजबूत नींव भी साबित हो सकता है।


















