वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राजकुमार बुध को बुद्धि, व्यापार और संवाद का प्रमुख कारक माना जाता है। पंचांग की गणना के मुताबिक 18 अगस्त 2026 को बुध सूर्य के अत्यंत नजदीक जाने के कारण अस्त हो गए हैं और यह खगोलीय स्थिति आगामी 18 सितंबर तक बनी रहेगी। जब कोई ग्रह अस्त अवस्था में होता है, तो सामान्य तौर पर उसके शुभ प्रभावों में कुछ कमी आने लगती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस कालखंड के दौरान नए व्यावसायिक समझौतों को अंतिम रूप देने, महत्वपूर्ण कूटनीतिक वार्ताओं को आगे बढ़ाने या बड़े वित्तीय निवेश से जुड़े निर्णय लेने में जातकों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान बुद्धि या वाणी की धार थोड़ी कमजोर पड़ सकती है, जिससे स्वास्थ्य के मोर्चे पर नाक और कान से जुड़ी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं। हालांकि सभी बारह राशियों पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा, जिनमें से तीन भाग्यशाली राशियों के लिए यह अवधि विशेष रूप से लाभकारी साबित होने जा रही है।
कर्क राशि के जातकों के लिए बुध अस्त का प्रभाव
कर्क राशि के जातकों के जीवन में बुध का यह अस्त होना बेहद अनुकूल परिणाम लेकर आया है। इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी और आय के नए स्रोत भी खुलेंगे। हालांकि किसी भी तरह के बड़े फैसले लेते समय जल्दबाजी दिखाने या बिना सोचे-समझे योजना बनाने से बचना चाहिए, अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है। आप अपने परिवार के प्रियजनों के साथ बेहतरीन वक्त बिताएंगे, लेकिन घर-परिवार या बाहर संवाद करते वक्त अपनी वाणी पर संयम रखना बेहद जरूरी होगा। आपके अटके हुए कार्य धीरे-धीरे आगे बढ़ेंगे और रास्ते की बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। आप अपने तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे। व्यापारिक मोर्चे पर सुधार के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं और कार्यक्षेत्र में सगे-संबोधियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगी और उनके साथ खुशनुमा पल गुजारने का अवसर मिलेगा। परिवार के भीतर आनंद का माहौल बनेगा और किसी अच्छी खबर के मिलने से मन प्रफुल्लित रहेगा। माता-पिता का आशीर्वाद और पूरा सहयोग आपके साथ बना रहेगा।
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए विशेष सौगात
वृश्चिक राशि के लोगों के लिए भी बुध का अस्त होना सकारात्मक परिणाम लेकर आ रहा है। कार्यस्थल पर आपकी जवाबदेही और जिम्मेदारियों में इजाफा हो सकता है, जिसे आप अपनी कार्यकुशलता से बखूबी निभाएंगे। शासन और प्रशासन यानी सरकारी तंत्र का पूरा सहयोग आपके साथ रहेगा। दफ्तर में अपने वरिष्ठ अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ किसी भी तरह की चर्चा करते वक्त धैर्य और संयम का दामन थामकर रखें। इस अवधि में आपके दूरदराज की यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होंगी। आपके लंबे समय से रुके हुए कार्य अपनी रफ्तार पकड़ेंगे और आपको इनमें भरपूर सफलता हासिल होगी। धन का आगमन सुचारू रूप से होगा और आप अपनी आमदनी का एक हिस्सा बचाने में भी कामयाब रहेंगे। हालांकि आपको किसी भी तरह के फिजूल और अनाप-शनाप खर्चों से तौबा करने की सलाह दी जाती है। भाग्य का पूरा साथ मिलने से आपके कई लंबित काम एक के बाद एक पूरे होते चले जाएंगे। इस दौरान आपकी रुचि धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में बढ़ेगी तथा आपकी रचनात्मक क्षमता अपनी चरम सीमा पर होगी।
कुंभ राशि के जातकों की चमकेगी किस्मत
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह पूरा दौर बेहद सुखद साबित हो सकता है। बुध के अस्त होने के इस कालखंड में आपकी आय के नए साधन तो विकसित होंगे ही, साथ ही आपके पुराने जरियों से भी धन का आगमन लगातार बना रहेगा। जीवन में किसी शुभ और मंगल समाचार की प्राप्ति से मन प्रसन्न हो जाएगा। आपके व्यापार का दायरा बढ़ेगा और कारोबार में विस्तार देखने को मिलेगा, परंतु किसी भी अनजान या नए व्यक्ति के साथ कोई भी बड़ी व्यावसायिक डील फाइनल करते समय पूरी तरह सतर्कता बरतें। अपने जीवनसाथी की भावनाओं और अपेक्षाओं को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें, अन्यथा आपसी रिश्तों में खटास आ सकती है और अनबन होने की आशंका बनी रहेगी। इस दौरान किसी भी प्रकार की अत्यधिक भावुकता में बहकर अपने जीवन से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए।
बुध ग्रह को मजबूत करने के सरल उपाय
ज्योतिष शास्त्र में कमजोर या अस्त बुध के दुष्प्रभावों को कम करने और उन्हें बल देने के लिए कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं। जातकों को बुधवार के दिन विशेष रूप से व्रत रखना चाहिए। इसके अलावा बुधवार के पावन दिन पर विघ्नहर्ता भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें और उन्हें दुर्वा घास अर्पित करें। ऐसा करने से जीवन में आ रही तमाम बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है।


















