वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत में रुकावट आने से पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है। इस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने अमेरिका से वार्ता का रास्ता चुनने की अपील की है, जबकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पर अनिश्चितता के बादल गहरा गए हैं।
लाइवलाइव: पश्चिम एशिया संकट: एर्दोगन ने ट्रंप से ईरान के साथ बातचीत जारी रखने की अपील की, मदद की पेशकश की — 18 अगस्त 2026
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत में रुकावट आने से पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है। इस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने अमेरिका से वार्ता का रास्ता चुनने की अपील की है, जबकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पर अनिश्चितता के बादल गहरा गए हैं।
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एक्सप्लेनर: वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए क्यों बेहद अहम है होर्मुज़ जलडमरूमध्य?
फरवरी के अंत से ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य एक गहराते ऊर्जा और सुरक्षा संकट का केंद्र बना हुआ है। यह तनाव अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद बढ़ा, जिसके जवाब में तेहरान ने इस संकरे समुद्री मार्ग पर पाबंदियां सख्त कर दीं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य एक ऐसा तंग समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा और LNG की भारी मात्रा रोजाना गुजरती है, जो इसे वैश्विक ऊर्जा प्रवाह और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की नाकेबंदी या खतरे से जहाजों की आवाजाही अचानक घट सकती है, जिससे ईंधन की कीमतें उछल सकती हैं और वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो सकती है।अमेरिका-ईरान शांति की उम्मीदें धुंधली होने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, आपूर्ति संकट की आशंका
पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता दूर होने की आशंका के बीच आज कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। ईरान द्वारा अधिक आक्रामक रुख अपनाने के बयान और अमेरिका द्वारा संघर्षविराम बढ़ाने से इनकार के बाद ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। रॉयटर को एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कल बताया कि अमेरिका के साथ स्थायी युद्धविराम की बातचीत ठप होने के कारण ईरान अब "पूर्ण रूप से आक्रामक" सैन्य रणनीति अपनाएगा, खासकर तब जब वॉशिंगटन ने अस्थायी सीजफायर समझौते को आगे बढ़ाने की संभावना खारिज कर दी है। शांति वार्ता की ओर प्रगति और रणनीतिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही दोबारा शुरू करने के प्रयास पूरी तरह रुक गए हैं। इससे उस संघर्ष के लंबा खींचने का खतरा पैदा हो गया है जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के साथ हुई थी। ब्रेंट क्रूड वायदा 27 सेंट यानी 0.3% बढ़कर 0003 GMT तक $91.14 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो कल जुलाई 30 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद दर्ज की गई बढ़त है। - रॉयटरभारतीय नाविकों की मदद की गुहार: 'कंपनी जान जोखिम में डालकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार करने का दबाव बना रही है'
फ़ारसी खाड़ी में एक जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों ने एक SOS वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि उनकी कंपनी सुरक्षा खतरों के बावजूद उन्हें होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने और अपनी जान जोखिम में डालने के लिए मजबूर कर रही है। यह आपातकालीन वीडियो संदेश उसी दिन सामने आया जब यह खबरें आईं कि अमेरिका के साथ वार्ता ठप होने के बाद ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ाने के लिए तैयार है। बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय नाविक अपनी सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं और कंपनी के दबाव के बावजूद खतरनाक होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज ले जाने से इनकार कर रहे हैं।ईरान की चेतावनी: अगर अमेरिका ने कुछ हफ्तों में समझौता लागू नहीं किया तो बढ़ेगा संघर्ष
रॉयटर से बातचीत में एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कल कहा कि यदि अमेरिका कुछ ही हफ्तों के भीतर अंतरिम शांति समझौते को पूरी तरह लागू करने में विफल रहता है, तो ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उससे परे तनाव बढ़ाएगा तथा सैन्य हमला करेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका शांति समझौते का सम्मान नहीं करता है तो वह आने वाले हफ्तों में सैन्य कार्रवाई करेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।एर्दोगन ने ट्रंप को ईरान के साथ वार्ता का रास्ता अपनाने की सलाह दी, मदद की पेशकश की
तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात कर दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए ईरान के साथ बातचीत का रास्ता चुनने का आग्रह किया है। तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, एर्दोगन ने शांति प्रयासों में अंकारा के सहयोग की पेशकश भी की। NATO की दूसरी सबसे बड़ी सेना वाले और ईरान की सीमा से सटे देश तुर्की ने युद्ध समाप्त करने की बार-बार वकालत की है। उसने अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान व कतर जैसे मध्यस्थों के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए रखा है, साथ ही पक्षों के बीच एक मध्यस्थ के रूप में भी काम किया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा, "एर्दोगन ने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के संबंध में कूटनीति का अधिकतम उपयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें उम्मीद है कि बातचीत जारी रहेगी और तुर्की शांति प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेगा।" - रॉयटर
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