करवा चौथ के पावन अवसर पर सुहाग का सामान खरीदने को लेकर कई महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि क्या इस दौरान अस्त शुक्र में खरीदारी करना सही है या नहीं। इस विषय पर ज्योतिषीय जानकारों का स्पष्ट कहना है कि शुक्र के अस्त होने का इस पर्व और इससे जुड़ी खरीदारी पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। महिलाएं बिना किसी मन में शंका या भ्रम के सुहाग की वस्तुएं खरीद सकती हैं और व्रत की तैयारियों को पूरा कर सकती हैं।
शुक्र ग्रह की स्थिति और उसका प्रभाव
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के नियमों के अनुसार जब कोई भी ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट या करीब आ जाता है, तो वह अस्त अवस्था में चला जाता है। ऐसी स्थिति में उस विशेष ग्रह का प्रभाव थोड़ा कमजोर हो जाता है। वर्तमान समय में शुक्र ग्रह सूर्य के बहुत अधिक नजदीक होने के कारण अस्त अवस्था में हैं। हालांकि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से शुक्र एक बेहद शुभ ग्रह माने जाते हैं और अस्त होने पर भी यह कोई अत्यधिक खराब या नुकसानदायक परिणाम नहीं देते हैं।
करवा चौथ व्रत का मुख्य आधार और स्वरूप
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार करवा चौथ का यह पूरा पर्व भगवान शिव और माता पार्वती की अराधना के लिए समर्पित होता है। इस व्रत में चंद्रमा की स्थिति को देखना सबसे ज्यादा अनिवार्य माना जाता है क्योंकि चंद्र दर्शन के बाद ही यह व्रत पूरा होता है। इस पूरे अनुष्ठान और त्योहार का शुक्र ग्रह से किसी भी प्रकार का कोई सीधा संबंध नहीं होता है। यही कारण है कि बाजार से सुहाग का सामान या अन्य पूजन सामग्री खरीदने में किसी भी तरह की कोई बाधा या अड़चन नहीं आती है।
साल 2026 में करवा चौथ की तिथि और चंद्र दर्शन
इस वर्ष करवा चौथ का यह महत्वपूर्ण त्योहार 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चांद का दीदार करने के बाद अपना उपवास खोलती हैं। इस दिन चंद्रमा रात को लगभग 07 बजकर 55 मिनट के आसपास नजर आने की संभावना है। हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि देश के अलग-अलग शहरों और इलाकों के हिसाब से चंद्र दर्शन के समय में थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है।















