ग्रहों की चाल में होने वाले बदलावों का सीधा असर हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। आज दोपहर में 12 बजकर 41 मिनट से ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले बुध ग्रह ने अपनी उलटी चाल शुरू कर दी है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध अब वक्री अवस्था में आ चुके हैं और आगामी 13 नवंबर तक यानी अगले 21 दिनों तक इसी स्थिति में बने रहने वाले हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि बुध की यह वक्री चाल किस राशि के लिए शुभ परिणाम लेकर आएगी और किसे संभलकर चलने की आवश्यकता है।
साल 2026 में तीसरी बार हो रहा है बुध का गोचर
साल 2026 में यह तीसरा मौका है जब बुध ग्रह वक्री अवस्था में पहुंचे हैं। इससे पहले इस साल की शुरुआत में 26 फरवरी से बुध ने कुल 23 दिनों के लिए अपनी उलटी चाल चली थी। इसके बाद 29 जून को बुध कुल 25 दिनों के लिए वक्री हुए थे। अब यह तीसरा अवसर है जब बुध कुल 21 दिनों के लिए टेढ़ी चाल में आगे बढ़ेंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार बुध की इस स्थिति से कई प्रकार के बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे जातकों के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
किन चार राशियों की चमकेगी किस्मत
वक्री अवस्था में पहुंचकर बुध कुल 4 राशियों के जीवन को सुगम बनाने जा रहे हैं। बुध की इस चाल से आज से अगले 21 दिनों तक मेष राशि, कर्क राशि, वृश्चिक राशि और कर्क राशि के जातकों को विशेष लाभ प्राप्त होगा। इन राशियों के लोगों को थोड़ा ठहरकर अपने बारे में सोचने का अनुकूल अवसर मिलेगा। इस दौरान इनके कई लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो जाएंगे। कुछ लोगों को उनका फंसा हुआ या अटका हुआ धन भी वापस मिल सकता है। वक्री बुध इन्हें यह बेहतरीन मौका देगा कि वे अपनी पुरानी गलतियों से सीख लें और एक सही रूटीन का पालन करते हुए अपने जीवन को दोबारा पटरी पर ले आएं।
इन राशियों को रहना होगा बेहद सावधान
जहां एक तरफ बुध का यह गोचर चार राशियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होने वाला है, वहीं दूसरी तरफ यह कुछ लोगों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर सकता है। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार वृषभ राशि, मिथुन राशि, कन्या राशि, तुला राशि, मकर राशि और कुंभ राशि के जातकों को 24 अक्टूबर से लेकर 13 नवंबर के बीच विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस समयावधि में इन्हें अपने आर्थिक मामलों, करियर और व्यक्तिगत जीवन में सोच-समझकर कदम उठाने होंगे ताकि किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके।
बुध के नकारात्मक प्रभावों से बचने के खास उपाय
बुध की वक्री चाल के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर करने और सकारात्मक फल पाने के लिए कुछ आसान उपाय बताए गए हैं। आज से अगले 21 दिनों तक नियमित रूप से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना जरूर करें। इसके अलावा भगवान गणेश को प्रत्येक बुधवार को दुर्वा अर्पित करना बेहद शुभ माना गया है। यदि संभव हो सके तो गाय को हरा चारा खिलाना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इस पूरी अवधि के दौरान प्रतिदिन ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप करना भी मानसिक शांति और शुभ परिणाम देता है।



















