खगोलीय गणनाओं के अनुसार कुंभ राशि में चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। चूंकि यह ग्रहण विशेष रूप से कुंभ राशि के दायरे में घटित हो रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका सबसे गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा। इस दौरान मन में अनावश्यक बेचैनी बनी रह सकती है और किसी खास विषय को लेकर बार-बार विचार करने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में नौकरी अथवा कारोबार से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में लेने से पूरी तरह बचना चाहिए। आपसी रिश्तों की बात करें तो अपनी बात किसी के सामने रखने से पहले दूसरे व्यक्ति के पक्ष को ध्यान से सुनना कहीं अधिक समझदारी भरा कदम साबित होगा।
कुंभ और सिंह राशि पर ग्रहण का असर
चूंकि कुंभ राशि सिंह राशि के बिल्कुल आमने-सामने स्थित होती है, इसलिए इस ग्रहण का असर विशेष रूप से रिश्तों और व्यावसायिक साझेदारियों से जुड़े मामलों पर साफ तौर पर देखा जा सकता है। पति-पत्नी के बीच किसी पुरानी और दबी हुई बात को लेकर मामूली तकरार या बहस छिड़ सकती है। इसके अलावा व्यापार क्षेत्र में साझेदार के साथ पैसों के लेन-देन या किसी महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं। ऐसे संवेदनशील समय में अपनी बातचीत के दौरान गुस्से पर नियंत्रण रखना और शांत रहना सबसे अधिक फायदेमंद रहेगा ताकि बात ज्यादा न बिगड़े।
कर्क और मकर राशि के जातकों के लिए चेतावनी
कर्क राशि वाले लोगों को इस समयावधि के दौरान अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतने की सख्त जरूरत है। इस दौरान अचानक कोई ऐसा खर्च सामने आ सकता है जिसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी। परिवार से जुड़ी किसी अनिवार्य जरूरत को पूरा करने के लिए भी धन खर्च करना पड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में काम का अतिरिक्त दबाव महसूस हो सकता है। बिना किसी गहरी सोच-विचार के इस दौर में किसी भी बड़े निवेश से दूर रहना ही समझदारी होगी।
मकर राशि के जातकों के लिए इस खगोलीय प्रभाव का असर उनके पारिवारिक जीवन और आर्थिक मामलों दोनों मोर्चों पर दिखाई देगा। घर-परिवार में किसी मामूली बात को लेकर तनाव का माहौल बन सकता है। धन संबंधी कोई भी निर्णय लेते वक्त जरा भी जल्दबाजी न दिखाएं। किसी को भी उधार देने अथवा किसी से उधार लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति का पूरी तरह आकलन कर लें। पेशेवर व्यस्तता और अत्यधिक काम के कारण परिवार को पर्याप्त समय न दे पाना भी मानसिक परेशानी को और बढ़ा सकता है।
मीन राशि का हाल और धार्मिक उपाय
मीन राशि के लोगों को इस समयावधि में अपने रोजमर्रा के सामान्य कार्यों तथा अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि कोई जरूरी काम आपकी उम्मीद या योजना के अनुसार समय पर पूरा नहीं होता है तो इससे मानसिक तनाव पैदा हो सकता है। इसके अलावा अचानक खर्चों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। यदि आप किसी यात्रा या नई नौकरी से जुड़ी कोई योजना बना रहे हैं तो सभी जरूरी चीजों की पहले से ही मुकम्मल तैयारी करके आगे बढ़ें।
सनातन धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के इस विशेष काल में भगवान का स्मरण करना और उनके पवित्र मंत्रों का जाप करना बहुत फलदायी माना जाता है। ग्रहण काल समाप्त होने के बाद विधिवत स्नान करके पूजा-पाठ करना चाहिए और अपनी आर्थिक सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान भगवान शिव की विशेष आराधना करने और उनके महामंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का निरंतर जाप करने का भी विधान है। हालांकि इन सभी धार्मिक और आध्यात्मिक उपायों को केवल अपनी गहरी आस्था और विश्वास से जोड़कर ही देखना उचित है।
भारत में दृश्यता और सूतक काल की स्थिति
आगामी 28 अगस्त को लगने वाला यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत की भौगोलिक सीमा के भीतर बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। इस खगोलीय ग्रहण का जो अधिकतम चरण होगा, वह भारतीय समयानुसार लगभग सुबह के 9:43 बजे के आसपास रहेगा, परंतु उस विशेष समय पर भारत में चंद्रमा पूरी तरह से क्षितिज के नीचे स्थित होगा। यही मुख्य कारण है कि देश के किसी भी हिस्से से इस खगोलीय नजारे को खुली आंखों या उपकरणों से देखा नहीं जा सकेगा। चूंकि भारत में इस ग्रहण की दृश्यता शून्य रहेगी, इसलिए देश की सीमा के भीतर किसी भी प्रकार का सूतक काल मान्य नहीं होगा।



















