सावन के पवित्र महीने में व्रत रखने वाले लोगों के सामने अक्सर यह सवाल रहता है कि फलाहार में आज नया क्या बनाया जाए। कई दिनों तक लगातार साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी और फल खाते-खाते कई बार बोरियत होने लगती है और स्वाद फीका पड़ने लगता है। यदि आप कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो पेट पर ज्यादा भारी न पड़े और रोजमर्रा के नाश्ते जितना ही जायकेदार लगे, तो व्रत वाला ढोकला आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।
सामक चावल और साबूदाने का अनोखा मेल
इस फलाहारी ढोकले को मुख्य रूप से सामक चावल और साबूदाने के मिश्रण से तैयार किया जाता है। चूंकि इसे भाप में पकाया जाता है, इसलिए इसमें बहुत अधिक तेल की आवश्यकता नहीं पड़ती है। दही की खटास इसके स्वाद को हल्का और संतुलित बनाती है, जबकि जीरा, करी पत्ता और हरी मिर्च का छौंक इसकी खुशबू और स्वाद दोनों को कई गुना बढ़ा देता है। आप इसे सुबह के नाश्ते में बनाएं या शाम के फलाहार में परोसें, यह हर समय बहुत अच्छा लगता है।
व्रत के खानपान में क्यों है यह खास
व्रत के दिनों में खाने-पीने के विकल्प बहुत सीमित हो जाते हैं, ऐसे में बार-बार एक ही चीज खाना किसी को पसंद नहीं आता। सामक चावल और साबूदाना से बना यह ढोकला इसी कमी को दूर करता है। इसका टेक्सचर पारंपरिक ढोकले की तरह ही मुलायम और स्पंजी रखा जा सकता है, बस इसमें डाली जाने वाली सामग्री व्रत के नियमों के अनुकूल होती है। बैटर में मिलाया जाने वाला अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट इसे एक बढ़िया चटपटा स्वाद देता है और ऊपर से लगने वाला तड़का रसोई में इसकी महक फैला देता है।
जरूरी सामग्री की सूची
इस स्वादिष्ट फलाहारी ढोकले को घर पर आसानी से बनाने के लिए आपको एक कप सामक चावल, एक चौथाई कप साबूदाना, लगभग आधा कप खट्टा दही, एक छोटा चम्मच अदरक और हरी मिर्च का पिसा हुआ पेस्ट, एक छोटा चम्मच बेकिंग सोडा, एक बड़ा चम्मच तेल, एक छोटा चम्मच जीरा, लगभग 10 करी पत्ते और स्वादानुसार सेंधा नमक की जरूरत होगी। अपने घर के पारंपरिक व्रताहार नियमों के अनुसार ही नमक का इस्तेमाल करें।
ढोकला बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
सबसे पहले सामक चावल और साबूदाने को मिक्सर में पीसकर बिल्कुल बारीक पाउडर बना लें। अब इस पाउडर में दही और आवश्यकतानुसार पानी मिलाते हुए एक चिकना बैटर तैयार कर लें। इस बैटर को लगभग चार घंटे के लिए ढककर रख दें ताकि यह अच्छी तरह से सेट हो जाए। इसके बाद इसमें अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और सेंधा नमक मिला लें। अंत में बेकिंग सोडा डालकर हल्के हाथों से मिलाएं। जैसे ही बैटर में हल्के बुलबुले या झाग दिखाई दें, समझ जाइए कि यह स्टीम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अब एक स्टीमिंग बर्तन या थाली में थोड़ा सा तेल लगाकर उसे चिकना करें और उसमें यह तैयार बैटर पलट दें। इसे तेज आंच पर लगभग 15 मिनट तक भाप में पकने दें। बीच में एक बार चाकू या टूथपिक डालकर चेक कर लें, यदि वह बिल्कुल साफ बाहर आती है तो आपका ढोकला अंदर तक पक चुका है।
स्वादिष्ट तड़के के बिना अधूरा है स्वाद
ढोकले को पूरी तरह तैयार करने के बाद अब एक छोटे पैन में तेल गर्म करें। इसमें जीरा चटकाएं और फिर करी पत्ता डालकर हल्का सा भून लें। इस तड़के को भाप में पके हुए ढोकले के ऊपर अच्छी तरह फैला दें। ढोकले को कुछ मिनट के लिए ठंडा होने दें और फिर अपनी पसंद के अनुसार चौकोर टुकड़ों में काट लें। यदि घर पर व्रत के लिए हरी धनिया और मिर्च की चटनी बनाई गई है तो इसके साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है。
परफेक्ट ढोकला बनाने के लिए कुछ जरूरी टिप्स
इसे बनाते समय बैटर की सही कंसिस्टेंसी और बेकिंग सोडा मिलाने के सही समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। यदि आप सोडा बहुत पहले मिला कर रख देंगे तो ढोकले का स्पंजी टेक्सचर कमजोर पड़ सकता है। इसी तरह, ढोकले को जरूरत से ज्यादा देर तक भाप में पकाने से वह अंदर से सूखा लग सकता है, इसलिए समय का विशेष ध्यान रखें।



















