आज के समय में खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या बहुत आम हो चुकी है। शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से दिल की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती हैं। इसलिए दवाइयों के साथ-साथ सही खानपान अपनाना बेहद जरूरी होता है। डॉक्टर शुभम वत्स के मुताबिक, अपनी रोजमर्रा की डाइट में कुछ खास और हेल्दी फूड्स को शामिल करके कोलेस्ट्रॉल लेवल को प्रभावी तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।
ओट्स का सेवन
कोलेस्ट्रॉल को काबू में रखने के लिए ओट्स का सेवन बहुत फायदेमंद साबित होता है। ओट्स में बीटा ग्लूकोन नामक सॉल्यूबल फाइबर पाया जाता है जो पाचन तंत्र में जाने के बाद जेल जैसा पदार्थ तैयार करता है। यह जैल कोलेस्ट्रॉल के कणों को बांध लेता है और मल के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देता है। हालांकि, बाजार मिलने वाले फ्लेवर वाले ओट्स खरीदने से बचना चाहिए और इसकी बजाय स्टील कट या रोल्ड ओट्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। फ्लेवर वाले ओट्स में चीनी, नमक और हानिकारक केमिकल्स मिले होते हैं जो सेहत को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान दे सकते हैं।
अखरोट के फायदे
सभी ड्राई फ्रूट्स में अखरोट को हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्लांट बेस्ड ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है जो शरीर के भीतर खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करता है। जब आप अपनी नियमित डाइट में अखरोट को जोड़ते हैं, तो यह बैड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसके अलावा, अखरोट में मौजूद पॉलीअनसेचुरेटेड फैट्स धमनियों की दीवारों को स्वस्थ और लचीला बनाए रखने में भी काफी मददगार होते हैं।
लहसुन का इस्तेमाल
कच्चे लहसुन के अंदर एलिसिन नामक एक विशेष सल्फर कंपाउंड पाया जाता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल को काबू करने के साथ-साथ दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में सहायता करता है। लहसुन को पूरी तरह कच्चा और खाली पेट खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सुधारने का एक पुराना और असरदार तरीका है।
ग्रीन टी की भूमिका
वजन को नियंत्रित करने के साथ-साथ ग्रीन टी कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी कारगर मानी जाती है। ग्रीन टी में भरपूर मात्रा में कैटेचिन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं। इससे न केवल वजन नियंत्रित रहता है बल्कि शरीर में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल को भी घटने में काफी मदद मिलती है।
अलसी के बीज
दिल की सेहत के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड के महत्व को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अलसी के बीजों में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड नामक ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है जो हृदय की नसों को स्वस्थ रखता है। यह शरीर की सूजन को कम करता है, खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाता है और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखने में सहायता प्रदान करता है।



















