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उज्जैन के आचार्य से जानें 2026 की शुरुआत में गुरु प्रदोष योग का महत्व, सभी 12 राशियों के लिए खास ज्योतिषीय उपायराशिफल
26 सित॰ 2026, 4:25 am (4 दिन पहले)· 0

उज्जैन के आचार्य से जानें 2026 की शुरुआत में गुरु प्रदोष योग का महत्व, सभी 12 राशियों के लिए खास ज्योतिषीय उपाय

साल 2026 का पहला सप्ताह गुरु प्रदोष व्रत के अत्यंत शुभ संयोग के साथ शुरू हो रहा है। उज्जैन के ज्योतिष विशेषज्ञ आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की पूजा और राशि अनुसार विशेष उपाय करने से ग्रह दोष शांत होते हैं।

अंग्रेजी नववर्ष 2026 की शुरुआत अब निकट है और इस नए साल के आगमन को लेकर हर जगह एक नया उत्साह और उम्मीद का माहौल देखा जा रहा है। वर्ष का स्वागत लोग नए संकल्पों और खुशी के साथ करने की तैयारी में हैं। इस बार नए साल की शुरुआत एक विशेष धार्मिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होने जा रही है। साल के पहले ही सप्ताह में एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ धार्मिक संयोग बन रहा है, जिसे गुरु प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। यह पावन व्रत पूरी तरह से भगवान शिव की आराधना और उपासना के लिए समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु महादेव का ध्यान करेंगे और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ पूजन-अर्चन करेंगे।

गुरु प्रदोष व्रत और शिव आराधना का ज्योतिषीय महत्व

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, नववर्ष की शुरुआत में गुरु प्रदोष का यह योग धार्मिक दृष्टि से बेहद कल्याणकारी है। यदि कोई भक्त सच्चे और निष्छल मन से इस अवसर पर भगवान शिव की उपासना करता है, तो उसकी जन्मकुंडली में मौजूद विभिन्न प्रकार के नकारात्मक ग्रह दोष शांत हो जाते हैं। आचार्य आनंद भारद्वाज का कहना है कि महादेव की कृपा से न केवल मानसिक क्लेश दूर होते हैं, बल्कि कर्मफल दाता शनिदेव के साथ-साथ राहु और केतु की अशुभ स्थिति भी अनुकूल होने लगती है। यदि आप भी अपने जीवन में आ रही तमाम बाधाओं, कष्टों और परेशानियों से मुक्ति पाना चाहते हैं और शनिदेव की शुभ दृष्टि प्राप्त करने के इच्छुक हैं, तो नए साल के पहले दिन विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पूजन अवश्य करना चाहिए। इसके साथ ही, 12 राशियों के जातकों के लिए इस दिन अपनी राशि के अनुसार कुछ विशेष उपाय करने का विधान है, जिससे साल भर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है।

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12 राशियों के लिए नए साल के अचूक उपाय

नववर्ष के प्रथम दिन विभिन्न राशियों के लिए जो विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं, वे इस प्रकार हैं

मेष, वृषभ और मिथुन राशि

मेष राशि: इस राशि के जातकों को नववर्ष के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और अपने मन को शांत रखते हुए वीर बजरंगबली का ध्यान करना चाहिए। इसके बाद पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से आपके भीतर साहस, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।

वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए नए साल के पहले दिन आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना करना बेहद शुभ और फलदायी माना गया है। इस दिन पूर्ण भक्तिभाव से देवी मां की पूजा करें और उन्हें लाल रंग के पुष्प अर्पित करें। इससे आपके घर और परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहेगी।

मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों को साल के पहले दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की विशेष आराधना करनी चाहिए। गणपति बप्पा को ताजी हरी दूर्वा अर्पित करने से आपके कार्यों में आ रही सभी प्रकार की रुकावटें और विघ्न दूर हो जाएंगे।

कर्क, सिंह और कन्या राशि

कर्क राशि: नए साल की शुरुआत में कर्क राशि के जातकों को भगवान शिव की शरण में जाना चाहिए। इस दिन शिवलिंग पर शुद्ध एवं कच्चे दूध से अभिषेक करना अत्यंत शुभ रहेगा। इस उपाय को करने से मानसिक तनाव समाप्त होता है, मन को असीम शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का विस्तार होता है।

सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों को नववर्ष के प्रथम दिन भगवान सूर्य देव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। प्रातःकाल सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में शुद्ध जल लेकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इस उपाय से आपके आत्मविश्वास में अप्रत्याशित वृद्धि होगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सुधार आएगा।

कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों को अपने नए साल की शुरुआत भगवान श्री गणेश के पूजन से करनी चाहिए। इस पावन अवसर पर गणेश जी को श्रद्धापूर्वक मोदक का भोग लगाएं। ऐसा करने से भगवान गणपति आपको तीक्ष्ण बुद्धि और हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का वरदान देंगे।

तुला, वृश्चिक और धनु राशि

तुला राशि: तुला राशि के लोगों के लिए नववर्ष का पहला दिन जगद्जननी मां दुर्गा की आराधना के लिए समर्पित होना चाहिए। इस दिन दुर्गा चालीसा का श्रद्धा से पाठ करें। इससे आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में संतुलन, स्थिरता और शांति बनी रहेगी।

वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातकों को प्रातः स्नान ध्यान के बाद पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। इस दिन हनुमान जी के चरणों में कुमकुम अर्पित करने का विशेष विधान है। इस उपाय से आपको किसी भी प्रकार के भय, शत्रु बाधा और कष्टों से स्थायी मुक्ति मिलेगी।

धनु राशि: धनु राशि के जातकों के लिए नए साल की शुरुआत में जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की उपासना अत्यंत फलदायी मानी जाती है। नववर्ष के दिन दूध में थोड़ा सा केसर मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। ऐसा करने से भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा और जीवन में तरक्की के द्वार खुलेंगे।

मकर, कुंभ और मीन राशि

मकर राशि: मकर राशि के जातकों को नए साल के पहले ही दिन देवाधिदेव महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना करनी चाहिए। शिवलिंग पर पवित्र गंगाजल से अभिषेक करने से आपके जीवन की सभी जटिल कठिनाइयों, संकटों और कष्टों का नाश होता है।

कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों को नूतन वर्ष की शुरुआत में भगवान शिव की शरण ग्रहण करनी चाहिए। इस दिन जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करना बहुत शुभ माना जाता है। इस विशेष उपाय को करने से कुंडली में मौजूद शनि दोष का प्रभाव कम होता है और कार्यों में सफलता मिलती है।

मीन राशि: मीन राशि के जातकों को नए साल के पहले दिन भगवान विष्णु का ध्यान और पूजन करना चाहिए। भगवान विष्णु को पीले रंग के फल और पीले पुष्प अर्पित करें। इस उपाय से आपके जीवन में सौभाग्य का उदय होगा और निरंतर प्रगति व तरक्की के योग बनेंगे।

सवाल-जवाब

साल 2026 के पहले सप्ताह में कौन सा शुभ व्रत पड़ रहा है?
नए साल के पहले सप्ताह में गुरु प्रदोष व्रत का अत्यंत शुभ योग बन रहा है, जो मुख्य रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित है।
उज्जैन के किस ज्योतिष विशेषज्ञ ने ये राशि अनुसार उपाय बताए हैं?
ये ज्योतिषीय उपाय और पूजा विधान उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज द्वारा बताए गए हैं।
मेष राशि के जातकों को नए साल के पहले दिन क्या करना चाहिए?
मेष राशि के जातकों को प्रातः स्नान के बाद भगवान हनुमान का ध्यान करना चाहिए और भक्तिभाव से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
कुंभ राशि के लोगों को शनि दोष का प्रभाव कम करने के लिए क्या उपाय करना चाहिए?
कुंभ राशि के जातकों को नए साल के दिन जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करना चाहिए।
मिथुन राशि के जातकों के लिए कौन सा पूजा विधान फलदायी रहेगा?
मिथुन राशि के जातकों को भगवान श्री गणेश की पूजा करनी चाहिए और उन्हें हरी दूर्वा चढ़ानी चाहिए ताकि कार्यों में आ रही रुकावटें दूर हों।
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टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·3 दिन पहले

नया साल शुरू होने से पहले ही ऐसे ज्योतिषीय संयोग की बातें सुनकर अच्छा लगा। वैसे भी साल के पहले दिन भगवान शिव का नाम लेने से पूरा साल शांति से कटने की उम्मीद बढ़ जाती है, उपाय भी काफी आसान हैं।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·3 दिन पहले

नए साल की शुरुआत में ऐसे धार्मिक संयोग से मन को शांति मिलती है। चलिए, उज्जैन के आचार्य जी के बताए अनुसार इस बार शिव आराधना के साथ साल की शुरुआत करेंगे।

Meera Joshi@meera-joshi·3 दिन पहले

अर्शदीप, आपकी बात सही है! पिछले साल जब मैं उज्जैन गई थी, तो महाकाल के दर्शन करके सचमुच मन को बहुत शांति मिली थी।

Rohan Verma@rohan-verma·3 दिन पहले

नए साल की शुरुआत में ही गुरु प्रदोष का ऐसा योग पड़ना वाकई बहुत अच्छी बात है, शिव जी की कृपा से साल की शुरुआत सकारात्मक होगी। बस मन में एक सवाल यह आ रहा है कि अगर कोई किसी वजह से अपनी राशि के बताए गए उपाय पहले दिन न कर पाए, तो क्या वह इसे किसी और दिन या प्रदोष व्रत पर कर सकता है?

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·3 दिन पहले

रोहन, बिल्कुल सही सवाल है आपका। मुझे भी लगता है कि अगर पहले दिन छूट जाए, तो अगले प्रदोष पर कर लेना चाहिए, क्योंकि भगवान की पूजा में नीयत मायने रखती है, दिन नहीं।

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