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गोवर्धन योजना को मंजूरी, चालू वित्त वर्ष में सीएनजी में होगी 3 प्रतिशत बायोगैस की ब्लेंडिंगऑटो
9 अग॰ 2026, 1:22 pm (15 घंटे पहले)· 0

गोवर्धन योजना को मंजूरी, चालू वित्त वर्ष में सीएनजी में होगी 3 प्रतिशत बायोगैस की ब्लेंडिंग

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपये की गोवर्धन योजना को दी हरी झंडी, सीएनजी और पीएनजी में चरणबद्ध तरीके से बायोगैस मिलाना अनिवार्य किया गया।

केंद्र सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल के सफल मिश्रण के बाद अब सीएनजी में बायोगैस मिलाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ 'गोबरधन योजना' को अपनी मंजूरी दे दी है। इस राष्ट्रीय योजना का मुख्य उद्देश्य देश में बड़े पैमाने पर उपलब्ध कृषि अवशेषों, पशुओं के गोबर, गन्ने की खोई, नगर निगमों के जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों का उपयोग करना है। इन कचरा संसाधनों को स्वच्छ ऊर्जा, उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद, ग्रामीण रोजगार और राष्ट्रीय आर्थिक मूल्य में तब्दील किया जाएगा।

कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन में 10 गुना बढ़ोतरी का लक्ष्य

सरकार के इस बड़े फैसले का मुख्य लक्ष्य देश के भीतर कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन को लगभग 10 गुना तक बढ़ाना है। इस क्षेत्र में निजी निवेश को बड़े पैमाने पर आकर्षित करने और पूरे देश में एक मजबूत चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था का निर्माण करने की योजना बनाई गई है। इससे भारत की विदेशी ऊर्जा और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता में काफी कमी आएगी। गोबरधन योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर वित्त वर्ष 2035-36 तक पूरे 10 वर्षों की अवधि के लिए लागू किया जाना है, जिससे कंप्रेस्ड बायोगैस देश के भविष्य के ऊर्जा मिश्रण का एक मजबूत स्तंभ बन सके।

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वाहनों और इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव की आवश्यकता नहीं

कंप्रेस्ड बायोगैस एक नवीकरणीय और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन है, जिसे जैविक कचरे के प्रसंस्करण के माध्यम से तैयार किया जाता है। तैयार बायोगैस को परिष्कृत करके सीएनजी में मिलाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस बायोगैस को सीएनजी में मिलाने के लिए मौजूदा वाहनों के इंजन या ईंधन पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर में किसी भी प्रकार के बड़े बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे उत्पादन संयंत्रों से सीधे पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से सीएनजी स्टेशनों तक भेजा जाएगा, जहां से गाड़ियों में भरा जा सकेगा।

सीएनजी और पीएनजी के लिए चरणबद्ध ब्लेंडिंग का रोडमैप

इंडियन ऑयल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश भर में सीएनजी और पीएनजी में कंप्रेस्ड बायोगैस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नेशनल बायोफ्यूल्स कोऑर्डिनेशन कमिटी (NBCC) ने इसके अनिवार्य मिश्रण को मंजूरी दे दी है। यह नियम सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के तहत परिवहन क्षेत्र की CNG और घरेलू रसोई की PNG दोनों श्रेणियों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। अनिवार्य ब्लेंडिंग की शुरुआत वित्त वर्ष 2025-26 में 1 प्रतिशत मिश्रण के साथ हो चुकी है। चालू वित्त वर्ष में सीएनजी में 3 प्रतिशत बायोगैस मिलाई जाएगी। इसके बाद वित्त वर्ष 2027-28 में इसे बढ़ाकर 4 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2028-29 तक 5 प्रतिशत करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सवाल-जवाब

कैबिनेट ने गोबरधन योजना के लिए कितने बजट की मंजूरी दी है?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गोबरधन योजना के लिए 23,731 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।
चालू वित्त वर्ष में सीएनजी में कितने प्रतिशत बायोगैस मिलाई जाएगी?
चालू वित्त वर्ष में सीएनजी में 3 प्रतिशत बायोगैस मिलाई जाएगी।
क्या बायोगैस मिलाने से सीएनजी वाहनों के इंजन में बदलाव करना पड़ेगा?
नहीं, वाहनों के इंजन या मौजूदा गैस इंफ्रास्ट्रक्चर में किसी भी प्रकार के बदलाव की आवश्यकता नहीं होगी।
गोबरधन योजना को किस अवधि के लिए लागू किया जा रहा है?
यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक यानी 10 वर्षों के लिए लागू की जाएगी।
वित्त वर्ष 2028-29 तक सीएनजी में कितने प्रतिशत बायोगैस ब्लेंडिंग का लक्ष्य है?
वित्त वर्ष 2028-29 तक सीएनजी में 5 प्रतिशत बायोगैस मिलाने का लक्ष्य तय किया गया है।
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