अमेज़न सेल में लैपटॉप और पीसी एक्सेसरीज पर भारी छूट, वायरलेस कीबोर्ड और गेमिंग माउस हुए बेहद सस्तेEUR/USD की चाल सुस्त, ओवरबॉट RSI और 1.1700 के करीब रुकावट से बढ़त पर ब्रेकनीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड आज होंगे जारी, परीक्षा हॉल में तकनीकी खराबी आने पर लागू हैं खास नियमअमेरिका में नेवाडा-कैलिफोर्निया सीमा पर लगी भयंकर जंगल की आग, छह घायल और बयालीस हजार लोग विस्थापितऋषभ पंत ने विदेशी जमीन पर टेस्ट क्रिकेट में रचा इतिहास, एमएस धोनी का बड़ा रिकॉर्ड पीछे छोड़ाईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की आहट और भू-राजनीतिक तनाव के बीच डब्ल्यूटीआई ऑयल का भाव पिचासी डॉलर के करीबमजबूत मैक्रो डेटा के दम पर शेयरों में तेजी कायम, डैंसके बैंक ने गिनाईं बाजार की चार बड़ी ताकतेंहर्षा भोगले पर भड़के यशस्वी जायसवाल, कोलंबो टेस्ट विवाद पर कमेंट कर सुनाई खरी-खोटीपौधों की पत्तियों पर जमा सफेद पाउडर को न समझें धूल, हो सकता है खतरनाक फंगससावन पूर्णिमा पर चावल के 111 दाने और अनार से करें खास उपाय, आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति
उबर पर लगा ₹9,000 करोड़ से ज्यादा का भारी जुर्माना, डेटा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है पूरा मामलाऑटो
23 अग॰ 2026, 10:20 am (1 दिन पहले)· 2

उबर पर लगा ₹9,000 करोड़ से ज्यादा का भारी जुर्माना, डेटा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है पूरा मामला

नीदरलैंड्स की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने ड्राइवरों के अकाउंट को लेकर ऑटोमेटेड सिस्टम के इस्तेमाल पर उबर पर लगभग ₹9,000 करोड़ का बड़ा जुर्माना लगाया है। कंपनी ने इस फैसले से असहमति जताते हुए अपील करने की बात कही है।

दुनिया की जानी-माने राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म उबर को एक बड़े वित्तीय झटके का सामना करना पड़ा है। नीदरलैंड्स की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने कंपनी पर लगभग 825 मिलियन यूरो यानी करीब 964 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से यह रकम ₹9,000 करोड़ से अधिक बैठती है। यह पूरा मामला कैब ड्राइवरों के अकाउंट संचालन और कंपनी द्वारा उपयोग किए जाने वाले ऑटोमेटेड सिस्टम से जुड़ा हुआ है, जिस पर नियामक ने कड़ी आपत्ति जताई है।

नियामक संस्था के अनुसार, उबर ने साल 2018 से 2022 के बीच की अवधि में कई ड्राइवरों के खातों को या तो सस्पेंड कर दिया था या उन्हें स्थायी तौर पर बंद कर दिया था। इन कार्रवाइयों के लिए कंपनी ने ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था। अथॉरिटी का मुख्य आरोप यह है कि इन महत्वपूर्ण फैसलों के पीछे हमेशा पर्याप्त इंसानी समीक्षा नहीं होती थी। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि किसी चालक का खाता एल्गोरिदम की गलती से भी बंद हो जाता था, तो यह वेरिफाई करने के लिए कोई ठोस मानवीय प्रक्रिया नहीं अपनाई जाती थी कि वह कदम जायज था या नहीं।

ये भी पढ़ें

यूरोपीय डेटा कानूनों का गंभीर उल्लंघन

डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन यानी GDPR के प्रावधानों के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में पूरी तरह से ऑटोमेटेड फैसलों पर कड़ा प्रतिबंध है। यह नियम तब और भी सख्त हो जाता है जब ऐसे फैसलों का किसी आम व्यक्ति के जीवन या आजीविका पर सीधा और गहरा असर पड़ता हो। इसके अलावा, अथॉरिटी की जांच में यह बात भी सामने आई कि उबर ने अपने चालकों को इस बात की स्पष्ट और पर्याप्त जानकारी नहीं दी थी कि उनके खिलाफ प्रणालीगत तरीके से ऑटोमेटेड निर्णय लिए जा रहे हैं। इन्हीं सभी तकनीकी और कानूनी आधारों पर कंपनी को डेटा प्राइवेसी के नियमों का दोषी करार दिया गया।

उबर की ओर से आया तीखा विरोध और अपील का ऐलान

उबर ने नीदरलैंड्स के इस अथॉरिटी फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया है कि वह इस भारी जुर्माने के खिलाफ उच्च न्यायालय में औपचारिक रूप से अपील दायर करेगी। उबर का पक्ष है कि जिन नीतियों और कार्य प्रणालियों को लेकर यह पूरी जांच की गई है, उन्हें काफी साल पहले ही समाप्त किया जा चुका है। कंपनी का यह भी दावा है कि वह ड्राइवरों की आजीविका पर असर डालने वाले हर फैसले को बेहद संवेदनशीलता से देखती है। वर्तमान समय में कंपनी के पास पर्याप्त मानवीय समीक्षा के प्रावधान, पुख्ता सुरक्षा उपाय और लिए गए फैसलों के खिलाफ अपील करने का पूरा विकल्प मौजूद है।

पहले भी झेल चुकी है कई बड़ी वित्तीय पेनल्टी

गौरतलब है कि यह पहला अवसर नहीं है जब नीदरलैंड्स की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने उबर के खिलाफ इस तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की है। रिकॉर्ड के मुताबिक, यह चौथी बार है जब इसी नियामक ने कंपनी पर जुर्माना लगाया है। इससे पहले साल 2024 में भी उबर पर 290 मिलियन यूरो का तगड़ा जुर्माना लगाया जा चुका है। उस पिछले मामले में मुख्य आरोप यह था कि कंपनी ने यूरोपीय चालकों के निजी और संवेदनशील डेटा को बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का पालन किए सीधे अमेरिका ट्रांसफर कर दिया था। नियामक की ऐसी बार-बार की कार्यवाहियां दिखाती हैं कि यूरोपीय बाजारों में टेक कंपनियों के लिए डेटा अनुपालन कितना कड़ा और संवेदनशील विषय बन चुका है।

सवाल-जवाब

उबर पर कितना जुर्माना लगाया गया है?
नीदरलैंड्स की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने उबर पर लगभग 825 मिलियन यूरो यानी करीब ₹9,000 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया है।
यह जुर्माना किस कारण से लगाया गया है?
यह जुर्माना साल 2018 से 2022 के बीच ड्राइवरों के अकाउंट को ऑटोमेटेड सिस्टम से सस्पेंड करने और पर्याप्त इंसानी समीक्षा ना होने के कारण लगाया गया है।
उबर ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
उबर ने इस फैसले से असहमति जताई है और कहा है कि वह इस भारी जुर्माने के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेगी।
क्या उबर पर पहले भी कोई जुर्माना लगा है?
हां, यह चौथी बार है जब नीदरलैंड्स की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने उबर पर कार्रवाई की है, इससे पहले 2024 में भी 290 मिलियन यूरो का जुर्माना लगा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR