भारतीय सिनेमा के दौर में आज सौ करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन एक आम बात बन चुका है। बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्म इंडस्ट्री तक कई बड़े बजट की फिल्में आए दिन नए रिकॉर्ड बनाती और तोड़ती नजर आती हैं। हालांकि एक दौर ऐसा भी था जब फिल्म निर्माताओं के लिए अपनी फिल्म का बजट वसूल पाना ही बहुत बड़ी चुनौती माना जाता था। क्षेत्रीय सिनेमा और विशेष रूप से भोजपुरी फिल्म उद्योग के लिए तो यह राह और भी अधिक कठिन थी। ऐसे दौर में एक ऐसी फिल्म आई जिसने न केवल अपनी लागत निकाली, बल्कि कमाई के मामले में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ सका है।
30 लाख के बजट से 36 करोड़ रुपये का बड़ा धमाका
भोजपुरी सिनेमा के इतिहास में पहला एक करोड़ रुपये कमाने का कीर्तिमान 22 साल पहले रिलीज हुई फिल्म के नाम दर्ज है। साल 2003 में जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतरी, तो किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि यह बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर देगी। महज 30 लाख रुपये के सीमित बजट में बनकर तैयार हुई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में अपनी सफलता का ऐसा परचम लहराया कि इसका कुल कारोबार लगभग 36 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अपनी निर्माण लागत से 120 गुना अधिक कमाई करके इस फिल्म ने व्यापारिक दृष्टिकोण से एक अभूतपूर्व उदाहरण पेश किया।
मनोज तिवारी और रानी चटर्जी की जोड़ी ने रचा इतिहास
यह रिकॉर्ड तोड़ फिल्म भोजपुरी इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकार दिनेश लाल यादव या पवन सिंह की नहीं, बल्कि सुपरस्टार मनोज तिवारी की थी। फिल्म 'ससुरा बड़ा पईसावाला' में मनोज तिवारी के साथ मुख्य अभिनेत्री के रूप में रानी चटर्जी नजर आई थीं। दोनों कलाकारों की ऑन-स्क्रीन केमेस्ट्री और दमदार अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फिल्म के जरिए ही भोजपुरी सिनेमा में पहली बार एक करोड़ रुपये के व्यापारिक आंकड़े को पार करने का मील का पत्थर हासिल हुआ था।
65 हफ्तों तक सिनेमाघरों में लगातार चलने का अनोखा रिकॉर्ड
बॉक्स ऑफिस पर वित्तीय सफलता हासिल करने के अलावा 'ससुरा बड़ा पईसावाला' ने सिनेमाघरों में टिके रहने का भी एक नया इतिहास रचा। यह फिल्म लगातार 65 हफ्तों तक थिएटर्स में चलती रही। भोजपुरी फिल्म उद्योग के पूरे इतिहास में 65 हफ्तों का यह अटूट सफर तय करने वाली यह इकलौती फिल्म है। इस लंबे और सफल थियेट्रिकल रन ने साबित कर दिया कि दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर किस कदर दीवानगी बनी हुई थी।
भोजपुरी सिनेमा में आई विषय-वस्तु और निर्माण की नई क्रांति
'ससुरा बड़ा पईसावाला' की ऐतिहासिक सफलता ने भोजपुरी फिल्म उद्योग की दिशा और दशा को हमेशा के लिए बदल दिया। इस फिल्म के बाद इंडस्ट्री में एक बड़ी वैचारिक क्रांति आई और लोगों का नजरिया भोजपुरी फिल्मों के प्रति पूरी तरह बदल गया। इसके सुपरहिट होने के बाद सिनेमा क्षेत्र में इसी तरह की विषय-वस्तु और कहानियों पर आधारित फिल्में बनाने का दौर शुरू हो गया। आज भी जब भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े बेंचमार्क और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों का जिक्र होता है, तो 'ससुरा बड़ा पईसावाला' की मिसाल सबसे पहले दी जाती है।



















