बिहार के गया जिले में सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। राज्य के परिवहन विभाग ने पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत गया के लिए 50 नई इलेक्ट्रिक एसी बसों को मंजूरी दे दी है, और जल्द ही ये बसें शहर की सड़कों पर उतरती नजर आएंगी। पटना के बाद गया राज्य के उन छह प्रमुख शहरों में शामिल है, जिन्हें इस योजना के तहत यह बड़ी सौगात मिलने जा रही है।
योजना से क्या बदलेगा
50 एसी इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू होते ही गया की शहरी परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। यात्रियों को अब सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक सफर की सुविधा मिलेगी। इलेक्ट्रिक बसें चलने से शहर में प्रदूषण सीधे तौर पर कम होगा, और यह हरित परिवहन यानी पर्यावरण के अनुकूल यातायात को बढ़ावा देने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।
चार्जिंग सुविधा और बसों की रेंज
इन इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए जरूरी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम चल रहा है। बीएसआरटीसी गया के क्षेत्रीय प्रबंधक आकाश कुमार के मुताबिक, एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद हर इलेक्ट्रिक बस करीब 180 किलोमीटर तक चल सकेगी। यानी शहर से सटे इलाकों में भी बिना बीच में चार्जिंग की टेंशन के बसें आसानी से चक्कर लगा सकेंगी। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से गया की परिवहन व्यवस्था आधुनिक तो बनेगी ही, साथ ही यह प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगी।
गांवों तक पहुंचेगी बस सेवा
गया बस डिपो से चलने वाली ये 50 इलेक्ट्रिक बसें जिले के अलग-अलग प्रखंड इलाकों तक जाएंगी। मकसद साफ है, गांव में रहने वाले लोगों को जिला मुख्यालय से सीधा जोड़ना, ताकि उन्हें आवागमन के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। फिलहाल गया शहर में महिला यात्रियों के लिए दो पिंक बसें पहले से चल रही हैं। इसके अलावा गया के सरकारी बस डिपो से नवादा, औरंगाबाद, रजौली और टिकारी के लिए भी सरकारी बसों का परिचालन पहले ही शुरू किया जा चुका है।
22 रूटों पर शुरू होगी अंतर्राज्यीय बस सेवा
गया से बाकी राज्यों तक सफर करने वालों के लिए भी अच्छी खबर है। आने वाले दिनों में गया से दूसरे राज्यों के लिए बस सुविधा और बढ़ाई जा रही है, जिसके तहत 22 अंतर्राज्यीय बस सेवाएं शुरू होने वाली हैं। इनमें गया से गुरुग्राम, हरियाणा, दिल्ली, झारसुगुड़ा, राउरकेला, देवघर और हजारीबाग के रूट शामिल हैं। इसी महीने के अंत तक इन अंतर्राज्यीय बस सेवाओं के शुरू होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इन रूटों पर बस सेवा शुरू होने के बाद गया और आसपास के इलाकों से इन शहरों की तरफ रोजाना सफर करने वाले या रिश्तेदारों और नौकरी के सिलसिले में आना-जाना करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।













