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मुंबई से बेंगलुरु रातभर में: 180 किमी रफ्तार वाली वंदे भारत स्लीपर पुणे और हुबली के रास्ते जोड़ेगी दोनों शहरयात्रा
3 घंटे पहले· 4

मुंबई से बेंगलुरु रातभर में: 180 किमी रफ्तार वाली वंदे भारत स्लीपर पुणे और हुबली के रास्ते जोड़ेगी दोनों शहर

भारतीय रेलवे मुंबई और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत स्लीपर चलाने की तैयारी में है, जो 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफर का समय घटाकर करीब 15 से 17 घंटे कर सकती है। हालांकि तारीख, किराया और टाइमिंग अभी तय नहीं हुई है।

काव्या नायरकाव्या नायरट्रैवल एडिटर 4 मिनट पढ़ें AI के लिए
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मुंबई और बेंगलुरु के बीच का सफर जल्द ही तेज और कहीं ज्यादा आरामदायक हो सकता है। भारतीय रेलवे देश के सबसे व्यस्त लंबी दूरी वाले रूटों में से एक पर वंदे भारत स्लीपर चलाने की तैयारी कर रहा है। यह ट्रेन पारंपरिक एक्सप्रेस गाड़ियों और हवाई सफर के बीच की खाई को पाटने के मकसद से लाई जा रही है, जिसमें तेज रफ्तार के साथ रातभर के सफर के लिए खास तौर पर तैयार की गई आधुनिक सुविधाएं भी होंगी।

रेलवे ने अभी न तो शुरू होने की तारीख बताई है और न ही चलने का शेड्यूल जारी किया है, फिर भी इस प्रस्तावित सेवा को लेकर यात्रियों में जबरदस्त उत्सुकता है। खासकर कारोबारी, IT कर्मचारी, छात्र और पर्यटक, जो महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच अक्सर आना जाना करते हैं, इस ट्रेन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

मुंबई से बेंगलुरु के इस रास्ते पर सालभर यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। हवाई जहाज सबसे तेज विकल्प जरूर है, लेकिन हमेशा जेब पर हल्का नहीं पड़ता। दूसरी तरफ मौजूदा एक्सप्रेस ट्रेनें सस्ती तो हैं, मगर पूरा सफर तय करने में लगभग एक दिन लगा देती हैं। वंदे भारत स्लीपर इसी समीकरण को बदलने आ रही है, जो आराम से समझौता किए बिना तेज रेल सफर का विकल्प देगी। अगर योजनाएं पटरी पर रहीं तो यह देश की सबसे लोकप्रिय रातभर चलने वाली ट्रेनों में गिनी जा सकती है।

कौन से रास्ते से गुजरेगी ट्रेन

भारतीय रेलवे ने अभी आधिकारिक रूट मैप जारी नहीं किया है। हालांकि योजना से जुड़े दस्तावेज बताते हैं कि यह ट्रेन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और KSR बेंगलुरु के बीच चलने की संभावना है। प्रस्तावित रास्ते में पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी और हुबली जैसे अहम रेलवे केंद्र शामिल किए जा सकते हैं, इसके बाद ट्रेन बेंगलुरु पहुंचेगी।

ये शहर सिर्फ बड़े कारोबारी केंद्र ही नहीं हैं, बल्कि यहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्री आते जाते हैं। इस रूट को चुनने से रोजाना सफर करने वाले कारोबारियों से लेकर परिवारों और छुट्टियां मनाने वालों तक, हर तरह के यात्रियों की कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।

22 घंटे का सफर घटकर 15 से 17 घंटे

सफर का समय घटाना ही इस नई स्लीपर सेवा का सबसे बड़ा फायदा माना जा रहा है। मुंबई और बेंगलुरु के बीच अभी चलने वाली ज्यादातर ट्रेनें यह सफर तय करने में करीब 22 घंटे लेती हैं। लग्जरी बसों से सड़क के रास्ते यह दूरी आमतौर पर करीब 16 घंटे में पूरी होती है, जो ट्रैफिक और मौसम पर निर्भर करता है।

वंदे भारत स्लीपर से रेल सफर का समय घटकर करीब 17 घंटे रह जाने की उम्मीद है। कुछ आकलनों के मुताबिक आखिरी शेड्यूल और स्टॉपेज की संख्या के हिसाब से यह सफर आगे चलकर करीब 15 घंटे में भी पूरा हो सकता है। कम समय और रातभर के सफर का मतलब है कि यात्री एक शहर से शाम को निकलकर अगली सुबह दूसरे शहर पहुंच जाएंगे और अपने समय का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे। दिन में चलने वाली मौजूदा वंदे भारत चेयर कार ट्रेनों से अलग, इसका स्लीपर वर्जन खास तौर पर लंबी दूरी के यात्रियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

16 कोच, 823 यात्रियों की क्षमता

इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 AC थ्री-टियर कोच, चार AC टू-टियर कोच और एक फर्स्ट AC कोच शामिल है। इसमें कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे। इसे 180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने के लिए तैयार किया गया है, जो इसे भारतीय रेलवे की सबसे तेज स्लीपर ट्रेनों में से एक बनाता है।

रातभर के सफर को ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कई नई सुविधाएं दी गई हैं। यात्रियों को बेहतर कुशनिंग वाली आरामदायक बर्थ मिलेंगी, ताकि लंबे सफर में नींद अच्छी आए। पूरी तरह वातानुकूलित कोच, प्रीमियम फर्स्ट AC केबिन और बेहतर इंटीरियर पारंपरिक स्लीपर ट्रेनों के मुकाबले कहीं ज्यादा आधुनिक अनुभव देंगे। इसके अलावा ट्रेन में ऑटोमैटिक यात्री दरवाजे होंगे, जो सील्ड वेस्टिब्यूल से जुड़े रहेंगे। इससे बाहर का शोर कम होगा और कोच के भीतर सुरक्षा बढ़ेगी।

टाइमिंग को लेकर अभी क्या चर्चा है

अभी तक कोई आधिकारिक टाइम टेबल जारी नहीं हुआ है, लेकिन रेलवे की योजना से जुड़ी चर्चाओं के मुताबिक यह ट्रेन रातभर चलने वाली सेवा के रूप में चलाई जा सकती है। विचाराधीन एक संभावित योजना के तहत ट्रेन मुंबई से शाम को रवाना होगी, देर रात पुणे पहुंचेगी, आधी रात सोलापुर से गुजरेगी, सुबह तड़के हुबली रुकेगी और करीब 8 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने साफ किया है कि ये टाइमिंग अभी परखी जा रही हैं और वाणिज्यिक संचालन शुरू होने से ठीक पहले ही इन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा।

तारीख और किराया अभी तय नहीं

इस परियोजना को लेकर उत्साह भले बढ़ रहा हो, लेकिन कई अहम बातें अब भी घोषित होनी बाकी हैं। भारतीय रेलवे ने मुंबई बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर की शुरू होने की तारीख, टिकट किराया, ठहराव का पैटर्न, चलने के दिन या बुकिंग शेड्यूल में से किसी की भी पुष्टि नहीं की है।

इसका आप पर असर

  • भारत में: मुंबई और बेंगलुरु के बीच सफर करने वालों को हवाई किराए से सस्ता और मौजूदा ट्रेनों से तेज विकल्प मिल सकता है, जिससे शाम को निकलकर अगली सुबह पहुंचना मुमकिन होगा।
  • महाराष्ट्र और कर्नाटक में: पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी और हुबली के यात्रियों को इस रूट पर बेहतर रात की कनेक्टिविटी मिलेगी, हालांकि किराया और तारीख अभी तय नहीं है।

सवाल-जवाब

मुंबई बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर कब शुरू होगी?
भारतीय रेलवे ने अभी तक शुरू होने की कोई आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं की है।
यह ट्रेन कितनी रफ्तार से चलेगी?
इसे 180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने के लिए तैयार किया गया है, जो इसे भारतीय रेलवे की सबसे तेज स्लीपर ट्रेनों में से एक बनाता है।
सफर में कितना समय लगेगा?
यह सफर करीब 17 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है और कुछ आकलनों के मुताबिक आगे चलकर यह करीब 15 घंटे में भी हो सकता है, जबकि मौजूदा ट्रेनें करीब 22 घंटे लेती हैं।
ट्रेन किन शहरों से होकर गुजरेगी?
प्रस्तावित रास्ते में मुंबई के CSMT से KSR बेंगलुरु तक पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी और हुबली शामिल किए जा सकते हैं।
ट्रेन में कितने कोच और कितनी सीटें होंगी?
इसमें कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 AC थ्री-टियर, चार AC टू-टियर और एक फर्स्ट AC कोच है, और कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे।
टिकट का किराया कितना होगा?
रेलवे ने अभी तक टिकट किराया, ठहराव, चलने के दिन या बुकिंग शेड्यूल की कोई पुष्टि नहीं की है।
संभावित टाइमिंग क्या हो सकती है?
विचाराधीन योजना के मुताबिक ट्रेन मुंबई से शाम को निकलेगी, देर रात पुणे, आधी रात सोलापुर और सुबह तड़के हुबली से गुजरकर करीब 8 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी।
काव्या नायर
लेखक के बारे मेंकाव्या नायरट्रैवल एडिटर देहरादून
विशेषज्ञताट्रैवल लेखन, पर्यटन, डेस्टिनेशन गाइड, संस्कृति, लाइफस्टाइल ट्रैवल, होटल, एडवेंचर ट्रैवल, फूड एवं ट्रैवल, वैश्विक पर्यटन रुझान

काव्या नायर एक ट्रैवल लेखिका हैं जो पर्यटन स्थलों, ट्रैवल गाइड, पर्यटन रुझानों, संस्कृति और लाइफस्टाइल अनुभवों को कवर करती हैं। वे दुनियाभर के यात्रियों के लिए दिलचस्प कहानियाँ और व्यावहारिक जानकारी साझा करती हैं।

काव्या नायर एक ट्रैवल लेखिका हैं जो पर्यटन स्थलों की कवरेज, ट्रैवल फ़ीचर, सांस्कृतिक खोज और ट्रैवल लाइफस्टाइल पत्रकारिता में विशेषज्ञता रखती हैं। वे लोकप्रिय व उभरते पर्यटन स्थलों, ट्रैवल गाइड, होटल व आतिथ्य अनुभवों, स्थानीय संस्कृतियों, खानपान परंपराओं और एडवेंचर टूरिज़्म के बारे में लिखती हैं। प्रेरक और जानकारीपूर्ण कहानी कहने पर ज़ोर देते हुए काव्या पाठकों को नई जगहें खोजने और सार्थक यात्रा अनुभव योजना बनाने में मदद करती हैं। उनका काम वैश्विक पर्यटन रुझानों, बजट व लक्ज़री ट्रैवल की अंतर्दृष्टि और पाठकों को दुनियाभर की जगहों से जोड़ने वाली सांस्कृतिक कहानियों को उजागर करता है।

पूरा प्रोफ़ाइल देखें ↗
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