राजधानी पटना में बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें बैंक में नौकरी और बैंकिंग परीक्षाओं में सेटिंग का झांसा देने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। रूपसपुर थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त छापेमारी में इस गिरोह के पांच शातिर सदस्य पकड़े गए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रवीण चंद, कर्ण कुमार, राज कुमार, अमित चौधरी और मनोज कुमार के तौर पर हुई है।
इन आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। बरामदगी में 22 ब्लैंक चेक, अलग-अलग अभ्यर्थियों की मार्कशीट, एडमिट कार्ड और कई अहम दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों से साफ है कि गिरोह कितनी बड़ी संख्या में युवाओं को अपने जाल में फंसा चुका था।
विजय नगर के फ्लैट से चल रहा था पूरा खेल
यह पूरा नेटवर्क पटना के विजय नगर इलाके में स्थित एक फ्लैट से चलाया जा रहा था। गिरोह के सदस्य बैंकिंग परीक्षाओं में सेटिंग कराने और बैंक में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम ऐंठते थे। शुरुआती जांच में पुलिस को बैंकिंग परीक्षाओं में कदाचार कराने की साजिश से जुड़े कई बड़े सुराग भी हाथ लगे हैं।
लंबे समय से सक्रिय था गिरोह
एएसपी शिवम धाकड़ ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और नौकरी की तलाश में भटक रहे युवाओं को निशाना बनाता था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया। फिलहाल रूपसपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस गिरोह से जुड़े बाकी सदस्यों तथा उसके पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।
कितने युवा बने शिकार, इसकी हो रही जांच
एएसपी शिवम धाकड़ ने यह भी बताया कि अब तक कितने अभ्यर्थी इस ठगी का शिकार बन चुके हैं और उनसे कुल कितनी रकम वसूली गई, इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी दिलाने या किसी प्रतियोगी परीक्षा में सेटिंग कराने का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। अगर कोई इस तरह का लालच दे तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें।













