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‘अशोक बुरे नहीं, पर दो अच्छे लोग अच्छे जीवनसाथी हों, ज़रूरी नहीं’— पूनम ढिल्लों ने तलाक और लव-मैरिज पर तोड़ी चुप्पीबॉलीवुड
13 जून 2026, 2:38 pm (45 दिन पहले)· 0

‘अशोक बुरे नहीं, पर दो अच्छे लोग अच्छे जीवनसाथी हों, ज़रूरी नहीं’— पूनम ढिल्लों ने तलाक और लव-मैरिज पर तोड़ी चुप्पी

अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने एक टॉक शो में अपने प्रेम विवाह, तलाक और पूर्व पति अशोक ठकेरिया पर खुलकर बात की और बताया कि सिर्फ प्यार से रिश्ते क्यों नहीं चलते।

कुछ फैसले प्यार के नशे में लिए जाते हैं और बाद में ज़िंदगी की सबसे गहरी सीख बनकर रह जाते हैं। अभिनेत्री पूनम ढिल्लों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। बरसों बाद उन्होंने अपने टूटे रिश्ते और पूर्व पति अशोक ठकेरिया को लेकर खुलकर बात की। उनका रुख साफ था— अशोक एक बेहद अच्छे इंसान हैं और आज भी वह उनके बारे में एक भी गलत बात नहीं कह सकतीं। लेकिन साथ ही उन्होंने एक ऐसी बात मानी जिसे अक्सर लोग देर से समझते हैं— हर अच्छा इंसान अच्छा जीवनसाथी साबित हो, यह ज़रूरी नहीं।

‘सिर्फ प्यार से रिश्ते नहीं चलते’

पूनम ने बताया कि उनकी शादी प्रेम विवाह थी। उस दौर में उनके पास ज़िंदगी का बहुत ज़्यादा तजुर्बा नहीं था और प्यार में डूबे होने के कारण उन्हें यकीन था कि उन्होंने एकदम सही चुनाव किया है। मगर शादी के बाद हकीकत कुछ और निकली। उन्हें समझ आया कि किसी रिश्ते को टिकाए रखने के लिए अकेला प्यार काफी नहीं होता— दोनों लोगों की सोच, परवरिश, जीवन-मूल्य और एक-दूसरे को समझ पाने की क्षमता भी उतनी ही मायने रखती है।

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पूर्व पति अशोक पर क्या बोलीं

अपने पूर्व पति का ज़िक्र करते हुए पूनम ने कहा, ‘मेरे पति अशोक बहुत अच्छे इंसान हैं। आज भी मैं उनके बारे में बुरा नहीं कहूंगी, क्योंकि वह वास्तव में अच्छे इंसान हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि दो अच्छे लोग हमेशा एक अच्छे जीवनसाथी साबित हों।’ उन्होंने आगे जोड़ा, ‘शादी सिर्फ दो अच्छे लोगों के साथ होने से नहीं चलती। परवरिश, सोच, शिक्षा और जीवन-मूल्य जैसी कई चीजों का मेल होना जरूरी होता है। जब ये बातें मेल नहीं खातीं, तो वैवाहिक जीवन कठिन हो जाता है।’

अपने प्रेम विवाह को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे जीवन का ज्यादा अनुभव नहीं था। अशोक जी ने मुझे काफी समय तक मनाया। वह अच्छे इंसान थे, इसलिए मुझे लगा कि यही सही फैसला है। उस समय मुझे अंदाजा नहीं था कि आगे की जिंदगी कितनी चुनौतीपूर्ण होगी।’

राजीव खंडेलवाल के शो पर खुलासे

यह सारी बातें अभिनेत्री ने राजीव खंडेलवाल के शो ‘तुम हो ना’ में बातचीत के दौरान साझा कीं। यहां उन्होंने अपने संघर्षों और बचपन की परवरिश से जुड़े अनुभव भी बताए। शो में राजीव ने उनसे कहा, ‘ऐसा लगता है जैसे सभी लड़कियों को आपसे प्रेरित होना चाहिए। लेकिन जब भी कोई सार्वजनिक हस्ती यहां आती है तो मैं यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता हूं कि लोग कम से कम इतना समझें कि हम सभी इंसान हैं। हमारे पास भी चुनौतियां हैं और कभी-कभी शायद बड़ी चुनौतियां भी होती हैं क्योंकि हम सार्वजनिक सुर्खियों में रहते हैं।’

सेलिब्रिटी होने का अकेलापन

इस पर पूनम ने एक मशहूर चेहरे की मजबूरी समझाई। उन्होंने कहा, ‘जब आप एक सेलिब्रिटी या पब्लिक फिगर होते हैं और सोमवार से शुक्रवार या सोमवार से रविवार तक काम करते हैं तो आपको बहुत कम लोगों से मिलने का मौका मिलता है। आधे लोग आपको ऐसे देखते हैं कि ये तो मेरी पसंद के बाहर है और आधे लोग सोचते हैं फिल्मी सितारे ऐसे ही होते हैं। दोनों स्थितियों में आपकी एक अलग छवि बन जाती है।’

उन्होंने अपने जीवन से इसका उदाहरण भी दिया— ‘मेरे केस में भी ऐसा ही हुआ था। हम बहुत कम लोगों से मिल पाते थे। मेरे माता-पिता बहुत सख्त थे। मुझे अपनी उम्र के लोगों से मिलने या डेट करने की इजाजत नहीं थी। एक्टर बनने के बाद भी एक्टर्स मुझे दोस्त नहीं मानते थे। अगर कोई ग्रुप मूवी देखने का प्लान बनाता था तो मुझे कहा जाता था— नहीं, तुम्हें जाने की अनुमति नहीं है।’

आज के माता-पिता के लिए संदेश

सख्त परवरिश को लेकर पूनम का नजरिया दिलचस्प है। वह इसे पूरी तरह गलत नहीं मानतीं, पर एक चेतावनी भी देती हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि सख्त परवरिश अच्छी होती है, लेकिन आज मैं माता-पिता से कहूंगी कि बच्चों को थोड़ा मौका दीजिए। उन्हें उड़ने और नई चीजें सीखने का अवसर दीजिए, ताकि वे सही फैसले लेना सीख सकें। अगर हम उन्हें जरूरत से ज्यादा सुरक्षित रखेंगे, तो उनका नजरिया सीमित रह जाएगा।’ उन्होंने यह भी माना कि उनकी अपनी ज़िंदगी काम और घर के दायरे तक ही सिमटी रही। उनका मानना है कि बच्चों को खुद फैसले लेने और दुनिया को समझने की आज़ादी देना उतना ही ज़रूरी है जितना उन्हें संभालकर रखना।

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