मुंबई के बांद्रा स्थित फैमिली कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय सुनीता आहूजा का ध्यान मीडिया कैमरों की तरफ खिंचा, लेकिन उनके वहां जाने की वजह वैवाहिक विवाद को खत्म करना था न कि उसे बढ़ाना। हाल के घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि उन्होंने कोर्ट में लंबित अपनी पुरानी तलाक याचिका वापस लेने का फैसला किया है। इस कदम से दोनों के रिश्तों में आई कड़वाहट खत्म होने की पुष्टि हुई है और 39 साल से अधिक लंबे इस वैवाहिक संबंध को आगे बढ़ाने की दिशा में एक नया मोड़ आया है।
बांद्रा फैमिली कोर्ट के बाहर का पूरा घटनाक्रम
बुधवार के दिन सुनीता अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के साथ बांद्रा स्थित कोर्ट परिसर में मौजूद थीं। वहां से बाहर निकलते ही पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और व्यक्तिगत सवाल पूछने शुरू कर दिए। लगातार हो रही पूछताछ और भीड़ के बीच यशवर्धन आहूजा ने संयम दिखाया और अपनी मां को सुरक्षित रूप से गाड़ी तक पहुंचाया। शुरुआत में सुनीता ने किसी सवाल पर ध्यान नहीं दिया और चुप्पी बनाए रखी। हालांकि, कार में बैठकर उन्होंने मुस्कुराते हुए मजाक में कहा कि वे "बर्थडे मनाने आए हैं"। बाद में स्पष्ट हुआ कि उनका वहां आने का वास्तविक उद्देश्य तलाक लेना नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पूर्व में दाखिल की गई तलाक याचिका को वापस लेना था।
दिसंबर 2024 की याचिका और वकीलों की सहमति
गोविंदा और सुनीता आहूजा के बीच कानूनी विवाद की शुरुआत दिसंबर 2024 के आसपास हुई थी, जब बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक से जुड़ी एक याचिका दायर की गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के वकीलों ने आपसी बातचीत का रास्ता चुना और विवादों को कोर्ट से बाहर सुलझाने का प्रयास तेज कर दिया। गोविंदा के मैनेजर के अनुसार, सुनीता अपनी पुरानी याचिका वापस ले चुकी हैं और दोनों पक्षों के बीच चल रहे सभी पुराने मतभेद पूरी तरह सुलझा लिए गए हैं। कानूनी प्रक्रिया के औपचारिक अंत के बाद अब दोनों के बीच अलगाव की कोई गुंजाइश नहीं बची है।
सोशल मीडिया विवाद और गोविंदा का संदेश
पिछले कुछ महीनों के दौरान गोविंदा और सुनीता के बीच तनाव की खबरें सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रही थीं। सुनीता के बेबाक बयानों और मीडिया बयानों के कारण रिश्ते में दरार की अटकलें जोर पकड़ रही थीं। इस बीच बॉलीवुड के 'चीची' यानी गोविंदा का एक भावुक वीडियो भी सामने आया था। उस वीडियो में गोविंदा ने बहुत ही संयमित और विनम्र तरीके से अपनी पत्नी से सार्वजनिक मंचों पर तीखी बयानबाजी से बचने का अनुरोध किया था। उनका मानना था कि सार्वजनिक रूप से दिए गए ऐसे बयानों से परिवार की प्रतिष्ठा पर बुरा असर पड़ता है और मामलों को आपस में बैठकर सुलझाना बेहतर होता है।
39 साल पुराना सफर और नई शुरुआत
गोविंदा और सुनीता की शादी साल 1987 में हुई थी। 1980 और 1990 के दशक में जब गोविंदा अपने करियर की ऊंचाइयों पर थे, तब सुनीता हर स्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। 39 साल से अधिक लंबे इस रिश्ते में कई कठिन समय आए, लेकिन दोनों ने हर चुनौती का सामना किया। इस दंपति के दो बच्चे हैं, जिनमें बेटी टीना आहूजा और बेटा यशवर्धन आहूजा शामिल हैं। केस वापस लेने के इस फैसले से जहां फैंस राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं गोविंदा भी लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर अपनी वापसी की तैयारियों में जुटे हैं। पारिवारिक स्थिति सामान्य होने से अभिनेता को अपने करियर की नई पारी पर ध्यान केंद्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी।



















