अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ता व्यापारिक विवाद फिलहाल थमता नजर आ रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने कनाडा से आने वाले सामानों पर प्रस्तावित 50 फीसदी के भारी टैरिफ को अगले 3 दिनों के लिए स्थगित करने की घोषणा की है। यह निर्णय दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय व्यापारिक समझौते पर बनी सहमति के बाद लिया गया है। दस्तावेज फाइनल होते ही इस समझौते पर औपचारिक मुहर लग सकती है।
व्यापारिक समझौते से मिली तात्कालिक राहत
प्रस्तावित 50 फीसदी टैरिफ लागू होने की तिथि से ठीक पहले यह फैसला आया है। अमेरिका और कनाडा के बीच लंबे समय से जारी व्यापारिक वार्ताओं में इस अस्थायी छूट को एक बड़ी प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। अगर यह टैरिफ लागू हो जाता, तो दोनों देशों की सीमाओं पर व्यापार प्रभावित होने के साथ-साथ कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आ सकता था। 3 दिनों की इस मोहलत के दौरान दोनों पक्ष कानूनी और तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा करेंगे।
कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन परियोजना की वापसी के संकेत
इस फैसले के साथ ही कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन परियोजना को फिर से शुरू करने के संकेत दिए गए हैं। जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान इस बहुचर्चित ऊर्जा परियोजना को रद्द कर दिया गया था। अब अमेरिका और कनाडा के बीच नए समझौते की रूपरेखा में इस पाइपलाइन को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। अगर यह परियोजना आगे बढ़ती है, तो उत्तरी अमेरिका के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक बाजारों पर असर
दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिरोध कम होने से सीमा पार माल ढुलाई और आपूर्ति श्रृंखला को बड़ी राहत मिलेगी। ऑटोमोबाइल, कृषि और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर इस समझौते का सीधा सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 3 दिनों के भीतर अंतिम दस्तावेज हस्ताक्षरित हो जाते हैं, तो उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप में व्यापारिक स्थिरता मजबूत होगी।

























