बॉलीवुड में मिर्जापुर वेब सीरीज की जबरदस्त कामयाबी के बाद अब उसी नाम से बड़े पर्दे पर मिर्जापुर फिल्म आने वाली है, लेकिन फिल्म का ट्रेलर सामने आते ही शहर में नाराजगी भड़क उठी है। मिर्जापुर के लोगों का कहना है कि जिस तरह वेब सीरीज ने पहले ही जिले की छवि को नुकसान पहुंचाया था, अब फिल्म भी उसी राह पर चल पड़ी है।
वेब सीरीज को लेकर पहले से नाराजगी, अब फिल्म पर भी सवाल
मिर्जापुर वेब सीरीज को लेकर जिले में पहले से ही गुस्सा है, और अब फिल्म का ट्रेलर देखकर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फिल्म के जरिए मिर्जापुर की धार्मिक पहचान को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि मिर्जापुर का इतिहास कभी अपराध या हिंसा से जुड़ा नहीं रहा, बल्कि यह हमेशा से बेहद शांत जिला रहा है। यह मां विंध्यवासिनी की नगरी है, और यही जिले की असली पहचान है। लोगों की शिकायत है कि वेब सीरीज में मिर्जापुर की इसी असली पहचान को कभी दिखाया ही नहीं गया।
मनोरंजन ठीक है, लेकिन कुछ सीन स्वीकार नहीं
मिर्जापुर के रहने वाले धर्मेश दुबे, जिन्हें शिशु के नाम से भी जाना जाता है, ने कहा कि मिर्जापुर फिल्म को मनोरंजन के नजरिए से देखा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिल्म में कुछ ऐसे सीन हैं जिन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। धर्मेश दुबे ने बताया कि सीरीज में ब्राह्मणों को मांस और मुर्गे का सेवन करते हुए दिखाया गया है, और यह मिर्जापुर के ब्राह्मण समाज के लिए बेहद दुखद बात है। उनका कहना था कि मां की इस नगरी में इस तरह का दृश्य दिखाना अशोभनीय है, क्योंकि ब्राह्मण ऐसा आचरण नहीं करते। उन्होंने आगे कहा कि अगर सिर्फ मनोरंजन के नजरिए से देखा जाए तो वेब सीरीज ठीक लग सकती है, लेकिन मिर्जापुर के नजरिए से देखने पर वेब सीरीज और फिल्म दोनों ही जिले की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।
अपराध नहीं, इतिहास के लिए जाना जाता है मिर्जापुर
अतीक खान ने कहा कि सीरीज और फिल्म के जरिए मिर्जापुर की पहचान को धूमिल करने की यह लगातार कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर कभी भी अपराध के लिए नहीं जाना जाता, बल्कि यह अपने प्राचीनतम इतिहास के लिए मशहूर है। अतीक खान के मुताबिक, जिले ने अपने भीतर कई ऐतिहासिक घटनाक्रमों को समेट रखा है, और यही मिर्जापुर की असली पहचान है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में सबसे ज्यादा वायलेंस दिखाया गया है, जबकि हकीकत में मिर्जापुर में ऐसी हिंसा कभी रही ही नहीं। उन्होंने मांग की कि मिर्जापुर वेब सीरीज बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मां विंध्यवासिनी धाम की छवि को नुकसान का डर
प्रतीक पांडेय ने कहा कि मिर्जापुर की असली पहचान मां विंध्यवासिनी धाम है, जहां दुनियाभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उनका कहना था कि वेब सीरीज और फिल्म में इन्हीं धरोहरों को दिखाते हुए मारपीट और गुंडागर्दी जैसे दृश्य परोसे गए हैं, जो सीधे तौर पर मिर्जापुर की छवि खराब करने की कोशिश है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस जिले की पहचान आस्था, शांति और प्राचीन इतिहास से जुड़ी है, उसे हिंसा और अपराध के प्रतीक के तौर पर पेश करना ठीक नहीं है।











