दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' एक बार फिर चर्चा में है. वजह ये है कि रिलीज के महज दो दिन बाद ही ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 ने इसे भारत में अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया, जिसके बाद दिलजीत खुद फैंस से अपील करते नजर आए कि जिनके पास भी फिल्म की डाउनलोड कॉपी है, वो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करते रहें.
फिल्म हटते ही सोशल मीडिया पर पायरेटेड कॉपियों की बाढ़
'सतलुज' के ज़ी5 से हटते ही इसकी पायरेटेड कॉपियां सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगीं. जैसे जैसे ये कॉपियां ऑनलाइन बढ़ती गईं, ज़ी5 की तरफ से भी दर्शकों से अपील की गई कि वो पायरेसी को बढ़ावा न दें. फिल्म को लेकर मचा बवाल अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा.
रिलीज से पहले ही मुश्किलों से घिरी रही फिल्म
'सतलुज' को लेकर परेशानियां शुरुआत से ही बनी रहीं. फिल्म को बनने में ही लंबा वक्त लग गया था और तमाम अड़चनों के बाद किसी तरह ये दर्शकों तक पहुंची. रिलीज के महज दो दिन के भीतर ही फिल्म को भारत से पूरी तरह हटा दिया गया. इसी विवाद के बीच सोमवार यानी 6 जुलाई को ज़ी5 ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक बयान जारी करते हुए लिखा, 'हम पूरी कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद नहीं छोड़ी है. कृपया पायरेसी का समर्थन न करें. हम पूरी कोशिश कर रहे है कि किसी तरह सतलुज को फिर से आपके लिए उपलब्ध कराया जा सके.' इस बयान के साथ ज़ी5 ने एक पोस्टर भी शेयर किया, जिसमें कहा गया कि प्लेटफॉर्म फिल्म को वापस लाने की कोशिशों में जुटा है और दर्शकों को भी अपनी तरफ से पायरेसी का साथ न देने की अपील की गई.
दिलजीत बोले, अब ये फिल्म लोगों की हो चुकी है
इस पूरे मामले पर दिलजीत ने इंस्टाग्राम लाइव के जरिए अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि उन्हें अब सुकून है कि इतनी मुश्किलों के बावजूद फिल्म आखिरकार लोगों तक पहुंच ही गई. उनका कहना था कि अब ये फिल्म सिर्फ मेकर्स की नहीं बल्कि आम लोगों की हो चुकी है और अब कोई भी इसे रुकवा नहीं सकता. दिलजीत के मुताबिक, एक बार कोई फिल्म रिलीज हो जाए तो उसे पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता. उन्होंने फैंस से सीधी अपील की कि जिन लोगों ने भी फिल्म डाउनलोड कर रखी है, वो इसे बाकी लोगों से भी शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख पाएं. दिलजीत ने राजस्थान से जुड़े एक वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें लोग इकट्ठा होकर फिल्म देखते नजर आए, उनका कहना था कि ये वीडियो देखकर उन्हें बहुत अच्छा महसूस हुआ.
सच्ची कहानी पर बनी फिल्म, करीब चार साल तक अटकी रही रिलीज
हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी 'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी से प्रेरित है. फिल्म का पहला नाम 'पंजाब 95' था, लेकिन सेंसर बोर्ड से जुड़े विवादों की वजह से यह करीब चार साल तक रिलीज के लिए तरसती रही. दिलजीत दोसांझ के अलावा फिल्म में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम किरदारों में नजर आए हैं.











