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प्यार दोस्ती है: सिल्वर स्क्रीन पर 28 साल पूरे कर चुकी इस आइकॉनिक फिल्म के सात सबसे यादगार पलबॉलीवुड
18 अक्तू॰ 2026, 10:38 pm (1 घंटे पहले)· 0

प्यार दोस्ती है: सिल्वर स्क्रीन पर 28 साल पूरे कर चुकी इस आइकॉनिक फिल्म के सात सबसे यादगार पल

शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी की यह ब्लॉकबस्टर फिल्म अपनी रिलीज के दो दशक से अधिक समय बाद भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसी कहानियां होती हैं जो समय की सीमाओं से परे जाकर हमेशा के लिए अमर हो जाती हैं। कॉलेज के गलियारों से शुरू होने वाली यारी और उस पर आधारित भावनाओं का सफर हमेशा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करता आया है। बड़े पर्दे पर एक ऐसी ही ऐतिहासिक प्रेम कहानी ने अपने सफर के 28 साल पूरे कर लिए हैं। इस लोकप्रिय फिल्म ने रोमांस और यारी के समीकरण को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया था।

लीड कलाकारों के अभिनय और उनके किरदारों की खटास-मीठी नोकझोंक ने लोगों को अपना दीवाना बना लिया था। आज इस खास मौके पर सिनेमाघरों की उस जादुई दुनिया के सात सबसे प्रतिष्ठित पलों को याद करने का समय है जो आज भी उतने ही तरोताजा महसूस होते हैं जितने दो दशक पहले लगते थे।

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प्यार और दोस्ती की परिभाषा

इस सिनेमैटिक सफर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट वह क्षण था जब मुख्य नायक ने यारी और मोहब्बत के बीच की लकीर को बेहद खूबसूरती से परिभाषित किया था। नायक का वह प्रतिष्ठित संवाद उस दौर की युवा पीढ़ी के दिलों में सीधे उतर गया था। यारी से शुरू होकर एकतरफा लगाव और गलतफहमियों के बीच आगे बढ़ने वाली यह कहानी दर्शकों को आज भी अपनी तरफ खींचती है।

कैंपस की शरारतें और तकरार

कॉलेज के दिनों में मुख्य नायिका का टॉमबॉय अंदाज और रॉकस्टार नायक की मस्तीभरी हरकतें स्क्रीन पर एक अलग ही ऊर्जा पैदा करती थीं। दोनों के बीच होने वाली हल्की-फुल्की तकरार और मजाक ने उनकी केमिस्ट्री को हमेशा के लिए अमर बना दिया। इन दृश्यों की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि उनमें बनावट का कोई अहसास नहीं होता था।

ट्रेन प्लेटफॉर्म पर जुदाई का गम

जब नायिका को यह अहसास होता है कि उसके मन में नायक के प्रति भावनाएं बदल चुकी हैं, तो वह कैंपस छोड़कर जाने का कठिन निर्णय लेती है। स्टेशन का वह विदाई दृश्य फिल्म के सबसे भावुक क्षणों में शुमार है। जब नायक अपनी सबसे अच्छी दोस्त को अचानक जाते देखता है और ट्रेन के पीछे दौड़ता है, तो दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं।

बरसात के बीच का वो रोमांटिक मोमेंट

झमाझम बारिश की बूंदों के बीच फिल्माया गया वह प्रेम प्रसंग भारतीय सिनेमा के सबसे क्लासिक गानों और दृश्यों में गिना जाता है। सुरीला संगीत, भीगा हुआ माहौल और दोनों किरदारों के बीच का अनकहा खिंचाव इस पल को खास बनाता है। भले ही उस वक्त नायिका अपने जज्बातों को पूरी तरह बयां न कर पाई हो, लेकिन उनकी नज़दीकियों ने दिलों की धड़कनें तेज कर दी थीं।

बेटी का अनोखा मिशन

कहानी में एक बड़ा और भावनात्मक मोड़ तब आता है जब नायक की छोटी बेटी को अपनी मां का छोड़ा हुआ पत्र मिलता है। दिवंगत मां की इच्छा होती है कि उसकी बेटी किसी तरह नायक को उसकी कॉलेज की पुरानी दोस्त से दोबारा मिलाए। बाल कलाकार ने अपनी मासूमियत और नटखट हरकतों से कहानी को एक नई दिशा दी और दर्शकों में उम्मीद जगाई।

समर कैंप में बरसों बाद पुनर्मिलन

कैंपस के दिनों से कई साल बीत जाने के बाद जब वे एक समर कैंप में आमने-सामने आते हैं तो पुराने जज्बात फिर से जाग उठते हैं। हालांकि नायिका अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुकी होती है और उसने अपना हुलिया भी बदल लिया होता है, लेकिन नायक को देखते ही उसका पुराना प्यार लौट आता है। उनकी खामोशी और पुरानी नोकझोंक दर्शकों को फिर से पुराने दौर में ले जाती है。

मंडप में पूरी हुई अधूरी चाहत

पूरी फिल्म की उलझनों को सुलझाने वाला आखिरी सीक्वेंस सभी किरदारों के रिश्तों को एक सही अंजाम पर पहुंचाता है। जब मंगेतर यह समझ जाता है कि नायिका के दिल में आज भी नायक के लिए ही जगह है, तो वह उसकी खुशी को अपनी इच्छा से ऊपर रखता है। अंत में दोनों अपने दिलों की बात स्वीकार करते हैं और इस तरह इस आइकॉनिक प्रेम कहानी का सुखद अंत होता है।

सवाल-जवाब

यह फिल्म किस दिन रिलीज हुई थी?
यह फिल्म 16 अक्टूबर 1998 को रिलीज हुई थी।
इस फिल्म को कितने साल पूरे हो गए हैं?
इस फिल्म को आज 28 साल पूरे हो गए हैं।
फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में कौन-कौन कलाकार थे?
फिल्म में शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
छोटी अंजलि का किरदार किसने निभाया था?
छोटी अंजलि का किरदार सना सईद ने निभाया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 1

Tanvi Desai@tanvi-desai·अभी

अरे यार, इस फिल्म के 28 साल हो गए! राहुल और अंजली की वो दोस्ती और बारिश वाला रोमांस आज भी दिल को छू जाता है।

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