रियलिटी शो बिग बॉस 20 इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस शो के अंदर कंटेस्टेंट्स की निजी जिंदगी और उनके अतीत के कई किस्से सामने आ रहे हैं। इसी बीच शो के चर्चित प्रतियोगी काजी तौकीर ने अपने करियर के शुरुआती दौर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि फेम गुरुकुल जीतने के बाद उनके पास काम के ढेरों प्रस्ताव आए थे, लेकिन कुछ निजी कारणों और परिस्थितियों की वजह से उनका करियर उस तरह आगे नहीं बढ़ पाया जैसी उम्मीद की जा रही थी।
फेम गुरुकुल की जीत और 1 करोड़ का इनाम
काजी तौकीर और आम्रपाली दुबे हाल ही में गार्डन एरिया में बैठे हुए बातचीत कर रहे थे। इस दौरान भोजपुरी अभिनेत्री ने उनसे पूछा कि जब वह इतने साल बाद इस शो में लौट रहे हैं, तो क्या उन्हें उम्मीद थी कि दर्शकों से इतना प्यार मिलेगा। इसके जवाब में काजी ने अपनी सफलता को याद करते हुए बताया कि वह खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं कि उन्होंने उस दौर का बड़ा रियलिटी शो जीता था। साल 2005 में उन्हें इस जीत के बाद 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली थी। इसके बाद उन्होंने साल 2015 में अफगान जलेबी के साथ रचनात्मक रूप से काम किया और वह प्रोजेक्ट भी ब्लॉकबस्टर साबित हुआ था।
एकता कपूर के प्रोजेक्ट को लेकर किया गया खुलासा
अपनी बातचीत को आगे बढ़ाते हुए काजी ने बताया कि उनके करियर का रिकॉर्ड शत-प्रतिशत रहा है, लेकिन काम न करने के पीछे कुछ निजी कारण थे। उन्होंने कुछ फिल्में साइन की थीं, लेकिन किन्हीं वजहों से वे फिल्में कभी बन नहीं पाईं और इस प्रक्रिया में उनके एक-दो साल यूं ही निकल गए। उन्होंने कभी टेलीविजन पर काम नहीं किया था, हालांकि उन्हें टीवी से जुड़ने के बहुत बड़े अवसर मिले थे। साल 2005 में उनके पास प्रसिद्ध निर्माता एकता कपूर आई थीं और उन्होंने उन्हें एक कहानी सुनाई थी। उस समय काजी की उम्र महज 20 साल थी और वह नासमझ थे, जिसके चलते उन्हें वह पूरी बात ठीक से समझ नहीं आई थी। वह तो उस समय एकता कपूर की अंगूठियां देख रहे थे, जबकि वह उन्हें एक रॉकस्टार का पूरा किरदार समझा रही थीं।
प्रोजेक्ट ठुकराने की वजह और मीडिया में बदनामी
एकता कपूर के प्रस्ताव को अस्वीकार करने के किस्से को याद करते हुए काजी ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह उनके सामने सीधे मना नहीं कर सकते थे, इसलिए उन्होंने अनुपमा के कान में जाकर पूछा कि क्या वह सच में उनके साथ काम करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वे लोग बहुत अच्छे स्वभाव के थे और अनुपमा ने उनसे कहा था कि यदि वह काम नहीं करना चाहते हैं, तो कोई बात नहीं, वह मना कर सकते हैं। काजी ने उन्हें बताया कि वह पहले ही एक फिल्म साइन कर चुके हैं और उनका अनुबंध हो चुका है। हालांकि अगले ही दिन सुबह उन्होंने अखबार में पढ़ा कि काजी ने एकता कपूर का प्रोजेक्ट ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी के साथ धोखा नहीं किया था, लेकिन उस दौर में सोशल मीडिया नहीं हुआ करता था कि वह तुरंत अपनी सफाई दे पाते। नतीजतन उन्हें मीडिया में गलत रूप से बदनाम कर दिया गया, जबकि वह एकता कपूर का बहुत सम्मान करते हैं और ऐसा करने की कभी सोच भी नहीं सकते थे।















