भारतीय संगीत जगत के महान संगीतकार प्यारेलाल शर्मा के निजी जीवन में एक गहरा दुखद मोड़ आया है। उनकी जीवनसंगिनी, सुनीला प्यारेलाल शर्मा, का 12 जुलाई 2026 को देहावसान हो गया है। वे 78 वर्ष की थीं। इस अपूरणीय क्षति की सूचना परिवार के एक आधिकारिक संदेश के माध्यम से सार्वजनिक की गई, जिसमें बताया गया कि उन्होंने अपने परिजनों की उपस्थिति में अंतिम सांस ली। बॉलीवुड गायिका प्रियंका मित्रा ने परिवार की इस शोक संवेदना को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया, जिसके बाद फिल्म और संगीत उद्योग के कलाकारों एवं प्रशंसकों के बीच शोक व्याप्त है।
परिवार द्वारा व्यक्त की गई भावुक श्रद्धांजलि
शोक प्रकट करते हुए परिवार की ओर से सुनीला शर्मा की स्मृतियों को साझा किया गया है। उन्हें उनके मिलनसार स्वभाव, निस्वार्थ स्नेह और करुणा के लिए याद किया जा रहा है। परिवार के बयान के अनुसार, सुनीला जी एक ऐसी शक्ति थीं जो अपने परिवार और जानने वालों को बिना किसी शर्त के प्यार देती थीं। उनका संपूर्ण जीवन गरिमा, भक्ति और मानसिक दृढ़ता की एक अमूल्य मिसाल के रूप में देखा जाएगा। परिवार ने उन सभी शुभचिंतकों का हृदय से धन्यवाद किया है जिन्होंने इस कठिन समय में उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। संदेश में शर्मा, नथानी, सिरुर और हलदीपुर परिवारों की ओर से सभी की प्रार्थनाओं के लिए आभार जताया गया है, साथ ही यह भी कहा गया है कि परिवार को अब इस बात की तसल्ली है कि वे परम शांति की गोद में विश्राम कर रही हैं।
मुंबई में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया
सुनीला शर्मा के अंतिम संस्कार को लेकर जानकारी देते हुए परिवार ने बताया कि यह प्रक्रिया 13 जुलाई 2026 को मुंबई में संपन्न की जाएगी। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए मुंबई के सांताक्रुज क्षेत्र में स्थित दत्तात्रय रोड श्मशान घाट को चुना गया है। इस कठिन परिस्थिति में प्यारेलाल शर्मा और उनके पूरे परिवार को सांत्वना देने के लिए मनोरंजन जगत के कई नामचीन हस्तियों, गायकों और उनके करीबी मित्रों के सांताक्रुज पहुंचने की संभावना है।
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की कालजयी विरासत
प्यारेलाल शर्मा भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास का एक अत्यंत सम्मानजनक नाम हैं। उन्होंने दिवंगत संगीतकार लक्ष्मीकांत शांताराम कुडालकर के साथ मिलकर जो 'लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल' की जोड़ी बनाई थी, उसने दशकों तक हिंदी सिनेमा के संगीत को अपने जादुई सुरों से सींचा है। इस जोड़ी द्वारा रचित गीतों ने एक ऐसा सुनहरा इतिहास रचा है जो आज भी हर पीढ़ी की पसंद बना हुआ है। उनकी बेहतरीन संगीत रचनाओं में 'बॉबी', 'कर्ज', 'अमर अकबर एंथनी', 'सत्यम शिवम सुंदरम', 'हीरो', 'मिस्टर इंडिया', 'राम लखन', 'तेजाब', 'एक दूजे के लिए' और 'उत्सव' जैसी कई यादगार फिल्में शामिल हैं। उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में संगीत दिया है, जो भारतीय सिनेमा की थाती माने जाते हैं।











