सिनेमा जगत के बॉक्स ऑफिस पर इस समय दो ऐसी फिल्मों के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है जिनकी कार्यशैली और बजट में जमीन-आसमान का अंतर है। एक तरफ जाने-माने अभिनेता यश की भव्य और भारी भरकम बजट वाली फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ है, जिसने सिनेमाघरों में कदम रखते ही सौ करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर सनसनी पैदा कर दी थी। हालांकि, शुरुआती धमाकेदार प्रदर्शन के बाद अब इस बड़े प्रोजेक्ट की रफ्तार सुस्त पड़ गई है और इसकी रोजाना की कमाई में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दूसरी ओर, महज दो करोड़ रुपये के आसपास के छोटे बजट में तैयार की गई फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने सभी को चौंका दिया है। इस आध्यात्मिक फिल्म ने शुरुआत में बेहद धीमी चाल पकड़ी थी, लेकिन दर्शकों के बीच सकारात्मक चर्चा के दम पर इसने ऐसी लंबी छलांग लगाई है कि यह अपने निर्माण लागत से कई गुना अधिक मुनाफा कमा चुकी है।
टॉक्सिक का धमाकेदार आगाज और मंडे टेस्ट में गिरावट
सिल्वर स्क्रीन पर छाई यश, नयनतारा और कियारा आडवाणी की फिल्म ‘टॉक्सिक’ ने छब्बीस अगस्त को सिनेमाघरों का रुख किया था। रिलीज के पहले ही दिन इस फिल्म ने भारत के भीतर एक सौ एक दशमलव दस करोड़ रुपये का भारी-भरकम नेट कलेक्शन कर सभी को हैरान कर दिया था। इसके बाद से ही इसकी कमाई के ग्राफ में लगातार ढलान देखने को मिल रही है। दूसरे दिन इसका कलेक्शन गिरकर सैंतीस दशमलव पैंसठ करोड़ रुपये रह गया, तीसरे दिन यह सत्ताईस दशमलव बीस करोड़ रुपये पर आ गया, चौथे दिन इसने पच्चीस दशमलव पंद्रह करोड़ रुपये बटोरे और पांचवें दिन इसका नेट कलेक्शन तेईस करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
फिल्म के लिए असली परीक्षा छठा दिन यानी पहला सोमवार साबित हुआ, जिस दौरान इसकी कमाई में और भी तेज गिरावट आ गई। इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, इस दिन करीब तेरह हजार चार सौ शोज के बावजूद ‘टॉक्सिक’ केवल सात दशमलव पैंतालीस करोड़ रुपये ही जुटा पाई। यह इस फिल्म का अब तक का सबसे निचला सिंगल-डे कलेक्शन है, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग सड़सठ दशमलव छह प्रतिशत की भारी गिरावट को दर्शाता है। इस आंकड़े के साथ ही भारत के भीतर इस फिल्म का कुल नेट कलेक्शन बढ़कर दो सौ इक्कीस दशमलव पचपन करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, देश में इसका ग्रॉस कलेक्शन दो सौ चौंसठ दशमलव अस्सी करोड़ रुपये और दुनिया भर में इसकी कुल कमाई लगभग तीन सौ चार दशमलव शून्य पांच करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
हनुमान अंश का बॉक्स ऑफिस पर अनोखा कमाल
जहां एक तरफ बड़े बैनर और भारी भरकम बजट वाली ‘टॉक्सिक’ की कमाई में लगातार मंदी आ रही है, वहीं संत नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने पच्चीसवें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ पूरी तरह से बनाकर रखी है। निर्देशक और लेखक विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह फिल्म मात्र एक करोड़ पचहत्तर लाख से दो करोड़ रुपये के मामूली खर्च में बनकर तैयार हुई थी। बॉक्स ऑफिस की दुनिया में यह फिल्म एक बड़े सरप्राइज के रूप में सामने आई है, क्योंकि शुरुआती दिन में इसने बमुश्किल दस लाख रुपये की कमाई की थी और पहले दो हफ्तों तक इसका कुल कारोबार मात्र एक करोड़ अड़तालीस लाख रुपये ही रहा था।
लेकिन, जैसे ही फिल्म का तीसरा हफ्ता शुरू हुआ, इसकी पूरी किस्मत ही बदल गई। दर्शकों के बीच माउथ पब्लिसिटी मजबूत होने के कारण सिनेमाघरों में भीड़ बढ़ने लगी और केवल तीसरे हफ्ते के दौरान ही इस फिल्म ने दस करोड़ चालीस लाख रुपये का शानदार कारोबार कर डाला। इसके बाद के दिनों में भी इसकी रफ्तार कम नहीं हुई और बाईसवें दिन छह करोड़ पच्चीस लाख रुपये, तेरहवें दिन नौ करोड़ पच्चीस लाख रुपये और चौबीसवें दिन बारह करोड़ पत्तर लाख रुपये की बेहतरीन कमाई दर्ज की गई।
चौथे सोमवार यानी पच्चीसवें दिन भी इस फिल्म ने अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखते हुए पांच करोड़ पंद्रह लाख रुपये का नेट कलेक्शन अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत के भीतर इसकी कुल नेट कमाई पैंतालीस करोड़ अट्ठाईस लाख रुपये और कुल ग्रॉस कलेक्शन तिरेपन करोड़ तैंतालीस लाख रुपये तक पहुंच चुका है। दो करोड़ रुपये से भी कम लागत में बनी इस फिल्म का यह प्रदर्शन भारतीय सिनेमा में एक मिसाल बन गया है क्योंकि यह अपनी मूल लागत से कई गुना ज्यादा मुनाफा कमा चुकी है।
संत नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित है फिल्म की कहानी
यह फिल्म मुख्य रूप से प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा की शुरुआती आध्यात्मिक यात्रा और उनके जीवन के अटूट सेवाभाव पर गहराई से प्रकाश डालती है। इसकी पूरी पटकथा एक ऐसे दुखी और विचलित बालक के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी दिवंगत मां से मिलने की तीव्र इच्छा के कारण ईश्वर की तलाश में घर से बाहर निकलता है। आगे चलकर यही बालक निस्वार्थ प्रेम, जरूरतमंदों को भोजन कराने और अपने मूक आशीर्वाद के माध्यम से मानवता की सच्ची सेवा करते हुए ‘हनुमान अंश’ यानी नीम करोली बाबा के रूप में पूरी दुनिया में विख्यात हो जाता है।



















