इंग्लैंड के दौरे पर गई पाकिस्तानी क्रिकेट टीम इस समय एक बड़े विवाद की चपेट में आ गई है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में ओपनर बल्लेबाज इमाम-उल-हक हैं, जिन पर लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दौरान फर्जी चोट का बहाना बनाकर मैदान से दूर रहने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी हरकत में आ गया है और पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने की बात सामने आ रही है। सीरीज के बीच में इस तरह के विवाद ने टीम के अंदरूनी माहौल और प्रबंधन पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
लॉर्ड्स टेस्ट और इमाम की चोट का विवाद
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबले के दौरान इमाम-उल-हक काफ इंजरी की वजह से बल्लेबाजी के लिए नहीं उतर सके थे। उनके क्रीज पर न आने के कारण पाकिस्तानी टीम को अंततः मैच में एक शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इस हार के तुरंत बाद देश और विदेश के कई जाने-माने क्रिकेट विशेषज्ञों ने इमाम की चोट की सत्यता पर खुला संदेह जताया। जानकारों का कहना है कि खिलाड़ी पूरी तरह से फिट था और उसने सिर्फ नाटक करते हुए कैमरे के सामने लंगड़ाने का दिखावा किया था। पूर्व चीफ सिलेक्टर ने भी इसे साफ तौर पर एक फेक इंजरी करार दिया है, जिससे क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया है।
पाकिस्तान क्रिकेट में मचा भूचाल और अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस बड़े विवाद के बाद पाकिस्तान क्रिकेट हलकों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। टीम के खराब प्रदर्शन और सीरीज गंवाने के बाद अब खिलाड़ी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। जानकारों के मुताबिक इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने संज्ञान लिया है और घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी। सीरीज के बीच में उठे इस तूफान ने टीम की साख को गहरा धक्का पहुंचाया है और खेल प्रेमियों के बीच भी इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि मुश्किल समय में खिलाड़ियों ने मैदान पर उतरने से परहेज किया।


















