बरेली जिले में अचल संपत्ति, मकान और जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव आकार ले रहा है। जिला प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जमीनों के मूल्यांकन की नई दर सूची तैयार कर ली है, जिसमें अलग-अलग तहसीलों और इलाकों के हिसाब से 5 प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। कृषि भूमि के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में तो यह बढ़ोतरी 25 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यदि यह प्रस्ताव बिना बदलाव के मंजूर होता है, तो जिले भर में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कराने का सरकारी खर्च बढ़ जाएगा।
आपत्ति दर्ज कराने और सुनवाई का पूरा टाइमलाइन
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत संशोधित सर्किल रेट सूची को 11 अगस्त को सार्वजनिक किया गया है। स्थानीय निवासियों, भू-स्वामियों और रियल एस्टेट कारोबारियों को प्रस्तावित दरों पर अपने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए 17 अगस्त तक का समय दिया गया है। दर्ज कराई गई सभी आपत्तियों पर बिंदुवार चर्चा और समाधान के लिए 20 अगस्त को एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जन प्रतिनिधि, बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि, दस्तावेज लेखक यानी कातिब संगठन और प्रशासनिक अधिकारी एक साथ बैठकर आपत्तियों की समीक्षा करेंगे। आपत्तियों के अंतिम निस्तारण के पश्चात ही नई संशोधित दरें 25 अगस्त से लागू की जाएंगी।
तहसील और क्षेत्रवार सर्किल रेट में बढ़ोतरी के आंकड़े
प्रस्तावित मूल्यांकन सूची के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में जमीनों के उपयोग के आधार पर दरों में भिन्नता रखी गई है। सदर प्रथम क्षेत्र के अंतर्गत कृषि भूमि के मूल्यों में 0 से 12 प्रतिशत की वृद्धि का सुझाव है, जबकि गैर-कृषि भूमि की दरों में 0 से 20 प्रतिशत तक का उछाल प्रस्तावित है। इसी क्षेत्र में व्यावसायिक भूमि के सर्किल रेट में औसतन 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का खाका खींचा गया है, जबकि कमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण दरों में लगभग 5 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है। दूसरी ओर, सदर द्वितीय क्षेत्र में कृषि, अकृषक और व्यावसायिक तीनों ही श्रेणियों की भूमि में 0 से 20 प्रतिशत तक समान वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है।
ग्रामीण और तहसील स्तर के इलाकों में भी व्यापक फेरबदल की योजना है। आंवला तहसील के कुछ चुनिंदा गांवों में कृषि भूमि के सरकारी दामों में 25 प्रतिशत तक की सर्वाधिक वृद्धि का प्रस्ताव है, जबकि पूरे आंवला और फरीदपुर क्षेत्र में सामान्य रूप से 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी तय की गई है। नवाबगंज तहसील में 5 से 20 प्रतिशत और बहेड़ी क्षेत्र में 5 से 15 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त बहेड़ी तहसील के कुछ ग्रामीण इलाकों को विकासशील श्रेणी में वर्गीकृत करने पर विचार चल रहा है, जिससे भविष्य में वहां के बुनियादी ढांचे और प्रॉपर्टी दरों पर असर पड़ेगा।
कानूनी प्रक्रिया और जन-आपत्तियों के प्रावधान
सर्किल रेट संशोधन की इस पूरी व्यवस्था पर स्थिति स्पष्ट करते हुए स्थानीय कातिब एडवोकेट जे. पी. एस. पाल ने बताया कि मूल्यांकन दरों में बदलाव एक तय कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होता है। प्रशासन द्वारा सार्वजनिक की गई दरें प्राथमिक प्रस्ताव मात्र हैं और इन्हें अंतिम गाइडलाइन नहीं माना जाना चाहिए। सरकार पहले आम जनता और हितधारकों से औपचारिक आपत्तियां आमंत्रित करती है। यदि किसी खास इलाके में प्रस्तावित दरें बहुत अधिक या व्यावहारिक रूप से असंगत महसूस होती हैं, तो नागरिक अपनी बात प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। प्रशासनिक समिति सभी तर्कों का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के बाद अत्यधिक वृद्धि वाले मामलों में दरों पर पुनर्विचार कर राहत प्रदान कर सकती है।



















