उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय परिसर में गुरुवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक विवाहिता अपने पिता और भाई के साथ वहां पहुंची और सार्वजनिक रूप से आत्मदाह करने की चेतावनी देने लगी। महिला का गंभीर आरोप है कि विवाह के बाद से ही उसके ससुराल के लोग उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पीड़िता ने अपने पति और ससुर सहित ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर भारी दहेज मांगने, मारपीट करने और घर में होने वाली कथित तंत्र-मंत्र की गतिविधियों में जबरन शामिल करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि पूर्व में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और प्राथमिकी कायम होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आहत होकर उसे यह कदम उठाना पड़ा।
दहेज उत्पीड़न और तंत्र-मंत्र की गतिविधियों का आरोप
पीड़िता के पिता द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उनकी बेटी का विवाह 16 मार्च 2024 को कानपुर के पांडु नगर निवासी एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ था। पिता का दावा है कि उन्होंने शादी के दौरान अपनी हैसियत और सामर्थ्य के अनुसार पर्याप्त उपहार और धनराशि खर्च की थी। हालांकि, विवाह के कुछ ही समय बाद ससुराल पक्ष के लोगों का रवैया बदल गया और उन्होंने अतिरिक्त दहेज के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
महिला के अनुसार, उसके पति और ससुर द्वारा उससे एक किलो सोना, महंगे फर्नीचर और एक अलग मकान की लगातार मांग की जा रही थी। जब उसने और उसके मायके वालों ने इन अनुचित मांगों को पूरा करने में असमर्थता जताई, तो उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाने लगी। आरोप है कि ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से तोड़ने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते थे।
इसके अलावा, महिला ने ससुराल में आधी रात को होने वाले कथित तंत्र-मंत्र के अनुष्ठानों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। महिला का दावा है कि घर के भीतर देर रात तंत्र-मंत्र से जुड़ी अजीबोगरीब गतिविधियां संचालित की जाती थीं और उसे भी इन क्रियाओं में बैठने तथा हिस्सा लेने के लिए विवश किया जाता था। जब उसने इन गतिविधियों में शामिल होने से स्पष्ट इनकार कर दिया और उनका विरोध किया, तो उसके साथ गंभीर मारपीट की गई। महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके कपड़े फाड़ दिए गए, उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसे कई घंटों तक एक कमरे में बंद रखा गया।
इंडोनेशिया यात्रा और जान से मारने के प्रयास का दावा
पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उत्पीड़न का यह सिलसिला केवल घर तक ही सीमित नहीं रहा। उसके अनुसार, उसका पति उसे विदेश यात्रा पर इंडोनेशिया ले गया था, जहां भी उसे कथित रूप से तंत्र-मंत्र से जुड़ी गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास किया गया और प्रताड़ित किया गया। विदेश से लौटने के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
महिला का दावा है कि 21 जनवरी 2025 को ससुराल में एक बार फिर तंत्र-मंत्र का अनुष्ठान शुरू किया गया। जब उसने इस पर कड़ी आपत्ति जताई, तो ससुराल वालों ने आपा खो दिया और उसे जान से मारने की धमकी दी। महिला ने आरोप लगाया है कि उस दौरान उसे छत के पंखे से लटकाकर उसकी हत्या करने की कोशिश भी की गई थी। किसी तरह अपनी जान बचाकर उसने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने मायके वालों को दी।
मार्च 2026 की एफआईआर और पुलिस जांच पर सवाल
लगातार बढ़ रहे अत्याचारों और जान के खतरे को देखते हुए पीड़िता के परिवार ने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया। इसके बाद 29 मार्च 2026 को कानपुर के महिला थाने में पति, ससुर और अन्य ससुराल जनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामले की विस्तृत जांच पनकी थाने में तैनात इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट को सौंपी गई।
हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के कई महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस कार्रवाई की गति अत्यंत धीमी रही। पीड़िता का आरोप है कि नामजद एफआईआर के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए और न ही उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस शिथिल कार्यशैली से असंतुलित होकर महिला को न्याय पाने के लिए उच्च अधिकारियों के द्वार पर दस्तक देनी पड़ी।
कमिशनरेट परिसर में पुलिस बल की तैनाती और पुलिस कमिश्नर का आश्वासन
गुरुवार को जब महिला अपने परिजनों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंची और आत्मदाह करने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल सचेंडी, कोतवाली और महिला थाना समेत कई आसपास के थानों की पुलिस मौके पर बुला ली गई। महिला पुलिसकर्मियों ने पीड़िता को शांत कराने और समझाकर घर भेजने का प्रयास किया, लेकिन महिला पुलिस कमिश्नर से सीधे मुलाकात कर अपनी बात रखने पर अड़ी रही।
काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने महिला और उसके पिता को पुलिस कमिश्नर के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस कमिश्नर ने पीड़िता की पूरी आपबीती सुनी, उसके द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और पूर्व में दर्ज एफआईआर के दस्तावेजों का अवलोकन किया। पुलिस कमिश्नर ने महिला को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी तथा साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद महिला ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, उसने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कर उसे न्याय नहीं दिलाया, तो वह राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर जाकर आत्मदाह करेगी। फिलहाल पुलिस मामले में दर्ज एफआईआर, साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।




















