बिहार के निवासियों के लिए आर्थिक उन्नति का एक नया द्वार खुल गया है। अगर आपका आवास राज्य के किसी प्रमुख पर्यटन स्थल के समीप स्थित है, तो अब आपके पास अपनी आय बढ़ाने का एक बेहतरीन मौका है। बिहार सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के मसौदे को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिसका सीधा उद्देश्य पर्यटकों को ठहरने के लिए एक आरामदायक और घरेलू वातावरण उपलब्ध कराना है। इस पहल से न केवल बाहरी सैलानियों को सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
योजना का विस्तार और पर्यटन स्थल
इस नई पहल के अंतर्गत बिहार के 16 जिलों को चिह्नित किया गया है, जहां कुल 34 पर्यटन स्थलों को शामिल किया गया है। इन स्थानों में गयाजी, राजगीर, नालंदा, वैशाली, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और ककोलत जैसे प्रमुख केंद्र शामिल हैं। अब बिहार भ्रमण पर आने वाले देश-विदेश के पर्यटक सीधे स्थानीय लोगों के घरों में ठहर सकेंगे। इससे उन्हें बिहार की अनूठी संस्कृति और यहाँ के पारंपरिक व्यंजनों से रूबरू होने का सीधा मौका मिलेगा। यह अनुभव न केवल पर्यटकों को लुभाएगा, बल्कि राज्य की मेहमाननवाजी को एक नया आयाम देगा।
शर्तें और वित्तीय प्रोत्साहन
सरकार ने इस योजना की शर्तों को काफी सरल रखा है ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें। आपका घर चयनित पर्यटन स्थल से अधिकतम 5 किलोमीटर की दूरी के भीतर होना चाहिए। एक व्यक्ति अपने होमस्टे में अधिकतम 8 कमरों की सुविधा प्रदान कर सकता है। सबसे बड़ा आकर्षण सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता है, जिसके तहत प्रति कमरा 2.5 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।
महिला और युवाओं को अतिरिक्त लाभ
इस योजना में समावेशिता पर विशेष ध्यान दिया गया है। यदि होमस्टे का संचालन किसी महिला, 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा या किसी स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जाता है, तो उन्हें प्रति कमरा 25 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि सहायता के रूप में मिलेगी। पर्यटन विभाग ने आगामी पांच वर्षों के भीतर 1 हजार कमरों के पंजीकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची
योजना के तहत शामिल किए गए प्रमुख स्थानों का विवरण इस प्रकार है: गयाजी में महाबोधि मंदिर, विष्णुपद मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर, प्रेत शिला एवं गुरूपा हिल; नालंदा में नालंदा महाविहार भग्नावशेष, पावापुरी जल मंदिर, राजगीर रोप-वे, राजगीर जू सफारी, नेचर सफारी एवं राजगीर कुंड; पूर्वी चंपारण में केसरिया स्तूप एवं सीता कुंड; रोहतास में शेरशाह सूरी का मकबरा, मांझर कुंड एवं धुआं कुंड; पश्चिम चंपारण में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व एवं गांधी आश्रम भितिहरवा; बांका में मंदार पर्वत एवं ओढ़नी डैम; मुजफ्फरपुर में मनिकामन झील एवं गरीबनाथ धाम; सीतामढ़ी में पुनौरा धाम एवं पंथ पाकड़; और जमुई में लच्छुआर जैन मंदिर एवं नागी नकटी डैम शामिल हैं।











