अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल में उछाल से रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर परबाज़ार
1 घंटे पहले· 2

अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल में उछाल से रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते भारतीय रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले छह सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया है।

CLSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण13 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

CL अभी $74.62 पर है, जबकि EMA20 $74.91, EMA50 $81.93 और EMA200 $75.38 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 ($74.91) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

CL का RSI 45 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

भारतीय रुपया (INR) सप्ताह के पहले कारोबारी दिन अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले काफी कमजोर होकर खुला। सोमवार को USD/INR की जोड़ी 95.80 के करीब पहुंच गई, जो पिछले छह सप्ताह का उच्चतम स्तर है। इस गिरावट के पीछे मध्य पूर्व में फिर से भड़के तनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है, जिसने डॉलर को मजबूती दी है और कच्चे तेल की कीमतों को भी बढ़ा दिया है।

बाजार का रुख और तेल की कीमतें

भारतीय बाजार के शुरुआती सत्र में डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की चाल मापता है, 0.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 101.15 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, 20 जुलाई को समाप्त होने वाले MCX कच्चे तेल के अनुबंध में 4.6 प्रतिशत की जबरदस्त उछाल देखी गई, जिससे यह 7,127 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। भारत जैसे देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात पर निर्भर हैं, उनके लिए कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी अक्सर मुद्रा के प्रदर्शन को प्रभावित करती है।

ये भी पढ़ें

भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति की चिंता

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पिछले तीन रातों में ईरान के 300 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं, जिनमें से 140 हमले शनिवार को ही हुए थे। इसके जवाब में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा की है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है, जिसके कारण बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और निवेशक सुरक्षित संपत्ति (safe-haven assets) की ओर रुख कर रहे हैं।

महंगाई के आंकड़े और RBI की भूमिका

घरेलू स्तर पर सभी की निगाहें भारत और अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों पर टिकी हैं। भारत का खुदरा CPI आज शाम 4:00 बजे (भारतीय मानक समय) जारी होने वाला है, जिसके 4.3 प्रतिशत (सालाना) रहने का अनुमान है। यदि महंगाई उम्मीद से ज्यादा बढ़ती है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बन सकता है। अमेरिका के महंगाई आंकड़े मंगलवार को आने वाले हैं, जहां मुख्य CPI 2.9 प्रतिशत रहने की संभावना है।

निवेशकों का नजरिया और तकनीकी संकेत

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों की शुरुआत के साथ विदेशी निवेशकों की रुचि भारतीय शेयर बाजार में कुछ हद तक सुधरती दिख रही है। जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में पांच सत्रों में विदेशी निवेशक शुद्ध खरीदार रहे हैं। तकनीकी चार्ट पर, 58.05 का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) तेजी की गति का संकेत दे रहा है, लेकिन अभी यह ओवरबॉट जोन में नहीं है। वर्तमान में, 20-दिवसीय EMA 95.18 के आसपास शुरुआती सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। यदि यह जोड़ी 95.96 के उच्च स्तर को पार कर लेती है, तो यह 97.10 के सर्वकालिक उच्च स्तर को छूने का प्रयास कर सकती है।

मुद्रा को प्रभावित करने वाले कारक

भारतीय रुपये की चाल पर कच्चे तेल के दाम, डॉलर की वैल्यू और विदेशी निवेश का सीधा असर पड़ता है। RBI बाजार में हस्तक्षेप करके विनिमय दर में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता है। उच्च ब्याज दरें आमतौर पर रुपये को मजबूती देती हैं क्योंकि इससे 'कैरी ट्रेड' के तहत निवेशकों का आकर्षण बढ़ता है। इसके विपरीत, बढ़ती महंगाई निर्यात को महंगा बनाती है और रुपये पर दबाव डालती है।

अन्य वैश्विक बाजारों का हाल

सोमवार को अन्य मुद्राओं और कमोडिटी बाजारों में भी हलचल रही। GBP/USD जोड़ी 1.3370 के आसपास सहारा तलाश रही है, जबकि यूरो 1.1390 के करीब कारोबार कर रहा है। सोना 4,100 डॉलर के स्तर से नीचे गिर गया है क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों में उछाल ने डॉलर को फिर से सुरक्षित ठिकाना बना दिया है। वहीं, कार्डानो (ADA) में भी 14 प्रतिशत की गिरावट के बाद कमजोरी बनी हुई है।

सवाल-जवाब

रुपया डॉलर के मुकाबले कितना कमजोर हुआ है?
रुपया डॉलर के मुकाबले 95.80 के स्तर तक पहुंच गया है, जो छह सप्ताह का निचला स्तर है।
कच्चे तेल की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
MCX पर कच्चा तेल 4.6 प्रतिशत उछलकर 7,127 रुपये के करीब पहुंच गया है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों बंद किया है?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य हमलों के जवाब में ईरान ने सुरक्षा कारणों से इसे बंद करने की घोषणा की है।
भारत में महंगाई का अनुमान क्या है?
भारत का खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) आंकड़ा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR