ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित फिल्म सिटी परियोजना बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। फिल्म 'पठान' जैसी बड़ी फिल्मों में कास्टिंग और लाइन प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाल चुके विशेषज्ञ एलेक्स का कहना है कि यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के युवा कलाकारों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा। उनका मानना है कि फिल्म सिटी की स्थापना के बाद स्थानीय युवाओं को फिल्मों और वेब सीरीज में काम करने के अनगिनत मौके मिलेंगे, जिससे न केवल फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयां हासिल होंगी।
एलेक्स के अनुसार, किसी भी प्रोडक्शन हाउस को फिल्म की शूटिंग के दौरान न केवल मुख्य सितारों की जरूरत होती है, बल्कि सपोर्टिंग कास्ट, जूनियर आर्टिस्ट और फीचर आर्टिस्ट की एक बड़ी फौज भी चाहिए होती है। फिलहाल इन जरूरतों को पूरा करने के लिए कलाकारों को दूर-दराज के शहरों से बुलाया जाता है, लेकिन ग्रेटर नोएडा में फिल्म सिटी के तैयार होने से स्थानीय कलाकारों को सबसे पहले मौका मिलने की उम्मीद है। छोटे किरदारों से शुरुआत करके ये युवा धीरे-धीरे मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बनाने में सफल होंगे।
शूटिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं
फिल्म निर्माण से जुड़ी लॉजिस्टिक्स चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माताओं के लिए यह एक बड़ी राहत होगी। जब एक ही छत के नीचे अत्याधुनिक स्टूडियो, एडवांस कैमरा सेटअप, लाइटिंग, तकनीकी उपकरण और शूटिंग के लिए जरूरी तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा, तो फिल्म निर्माण की प्रक्रिया न केवल सरल होगी, बल्कि बजट के लिहाज से भी किफायती बनेगी। अलग-अलग राज्यों से साजो-सामान और क्रू को लाने का झंझट खत्म होने से ज्यादा से ज्यादा निर्देशक और प्रोडक्शन हाउस उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित होंगे।
व्यापारिक जगत को मिलेगा नया आधार
इस प्रोजेक्ट का असर सिर्फ फिल्म निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। एलेक्स ने स्पष्ट किया कि होटल, रेस्टोरेंट, इवेंट मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट और टूरिज्म जैसे सेक्टर को इस फिल्म सिटी से सीधे तौर पर फायदा होगा। शूटिंग के सिलसिले में आने वाले कलाकार, तकनीशियन और पूरी प्रोडक्शन टीम स्थानीय व्यापार को गति देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी शहर की आर्थिक मजबूती में फिल्म जगत का योगदान बहुत बड़ा होता है, और ग्रेटर नोएडा के लिए यह एक सुनहरा अवसर है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की भूमिका
उन्होंने जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक वरदान बताया। हवाई संपर्क बेहतर होने से विदेश और देश के बाकी हिस्सों से आने वाले निर्देशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए सफर सुगम हो जाएगा। इस कनेक्टिविटी के चलते शूटिंग शेड्यूल मैनेज करना आसान होगा और ग्रेटर नोएडा भविष्य में एक वैश्विक फिल्म हब के रूप में उभरेगा।
40-50 बड़ी फिल्मों का अनुभव
अपने करियर के अनुभवों को साझा करते हुए एलेक्स ने बताया कि उन्होंने अपने सफर में 'रेस 3', 'साहो', 'बड़े मियां छोटे मियां' और 'बंटी और बबली' जैसी करीब 40 से 50 प्रमुख फिल्मों में कास्टिंग का काम संभाला है। उनका अनुभव कहता है कि फिल्म जगत हमेशा नए चेहरों की तलाश में रहता है। यदि स्थानीय युवाओं को सही मार्गदर्शन और ट्रेनिंग मिले, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा सकते हैं।
युवाओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इस ग्लैमरस इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए पैशन, धैर्य और कठोर परिश्रम अनिवार्य है। जो लोग लगातार सीखते हैं और खुद को निखारते हैं, उनके लिए काम की कोई कमी नहीं है। हाल ही में अपनी दुबई यात्रा के बाद भारत लौटे एलेक्स ने अधिकारियों के साथ फिल्म सिटी को लेकर सकारात्मक चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार का सहयोग इसे उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण का एक बड़ा गढ़ बनाने की दिशा में मददगार साबित हो रहा है।













