दिल्ली-एनसीआर में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। गाजियाबाद को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए एक नया नमो भारत कॉरिडोर बनाने की तैयारी चल रही है और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर पर काम शुरू हो चुका है। यह कॉरिडोर बनकर तैयार होने के बाद गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक की दूरी सिर्फ 50 मिनट में तय की जा सकेगी, जो अभी सड़क मार्ग से घंटों का सफर है।
कितना लंबा होगा रूट, कितने स्टेशन बनेंगे
यह प्रस्तावित कॉरिडोर करीब 20,640 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा और एनसीआर में यह चौथा नमो भारत कॉरिडोर होगा। कुल 72 किलोमीटर लंबे इस रूट पर करीब 12 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। यह कॉरिडोर गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा क्षेत्र को सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ देगा। इस रैपिड रेल की अधिकतम रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी, जिससे सड़क के मुकाबले सफर का समय काफी घट जाएगा। खास बात यह है कि यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो, नोएडा मेट्रो और बाकी नमो भारत रूट्स से भी जुड़ेगा, यानी यात्रियों को एक ही सफर में कई साधनों के बीच बिना रुकावट आना-जाना करने की सुविधा मिलेगी।
रियल एस्टेट के लिए क्यों है यह गेम चेंजर
कार्यन ग्रुप के निदेशक वरुण गर्ग के मुताबिक, यह कॉरिडोर सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट भर नहीं है, बल्कि गाजियाबाद के रियल एस्टेट बाजार के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हो सकता है। उनका कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से रेसिडेंशियल और कमर्शियल, दोनों तरह के रियल एस्टेट सेगमेंट को अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ सालों में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने गाजियाबाद के कई इलाकों में घरों की मांग और प्रॉपर्टी की कीमतों पर सकारात्मक असर डाला है। वरुण गर्ग का मानना है कि प्रस्तावित गाजियाबाद-नोएडा नमो भारत कॉरिडोर इस रफ्तार को और तेज कर देगा।
गाजियाबाद क्यों बन रहा है पसंदीदा ठिकाना
गाजियाबाद दिल्ली-एनसीआर के सबसे पसंदीदा रिहायशी शहरों में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। यहां अपेक्षाकृत सस्ते घर, अच्छी सड़कें, रेल कनेक्टिविटी और बड़े रोजगार केंद्रों तक आसान पहुंच की वजह से घरों की मांग लगातार बढ़ रही है। रियल एस्टेट जानकारों के मुताबिक, प्रस्तावित कॉरिडोर शहर की अट्रैक्टिवनेस को और बढ़ाएगा और ज्यादा से ज्यादा होमबायर्स को अपनी तरफ खींचेगा।
आईटी, लॉजिस्टिक्स और रिटेल को भी मिलेगा फायदा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलने से गाजियाबाद में आईटी, कॉर्पोरेट, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिटेल सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलने की संभावना है। इससे नए बिजनेस निवेश आकर्षित होंगे और कमर्शियल रियल एस्टेट की मांग में भी इजाफा देखने को मिलेगा। इसके अलावा गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच तेज और आसान आवागमन से रोजाना दफ्तर आने-जाने वालों के लिए गाजियाबाद एक और बेहतरीन रिहायशी विकल्प बन जाएगा। इससे कई इलाकों में नए प्रोजेक्ट्स आने की संभावना भी बढ़ेगी और प्रॉपर्टी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल कहां तक पहुंचा है काम
अभी गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम, दोनों नमो भारत कॉरिडोर डीपीआर के चरण में हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद एनसीआर का पूरा रीजनल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और मजबूत हो जाएगा, जिससे रियल एस्टेट, उद्योग, रोजगार सृजन और कुल मिलाकर आर्थिक विकास को भी बड़ी रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।











