उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिल रही है। हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों के शुरू होने के बाद, अब राज्य सरकार इन दोनों बड़ी परियोजनाओं को आपस में जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए एक नया ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनाने का खाका तैयार किया गया है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की यात्रा को पूरी तरह बदल देगा।
सिर्फ 20 मिनट में पूरा होगा बुलंदशहर से नोएडा एयरपोर्ट का सफर
इस नई कनेक्टिविटी परियोजना को जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के नाम से जाना जाएगा। इसके निर्माण पर कुल मिलाकर लगभग 4000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस ग्रीनफील्ड मार्ग की कुल लंबाई करीब 74.3 किलोमीटर होगी। इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद, बुलंदशहर से जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में यात्रियों को केवल 20 मिनट का समय लगेगा, जिससे उनका काफी समय बचेगा और सफर भी आरामदायक हो जाएगा।
भूमि अधिग्रहण और तकनीकी विशेषताएं
इस बड़े कॉरिडोर को अमलीजामा पहनाने के लिए लगभग 997 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इस जमीन को अधिग्रहित करने के लिए सरकार ने करीब 1500 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। शुरुआती योजना के अनुसार, यह लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन का बनाया जाएगा। हालांकि, भविष्य में यातायात के दबाव और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे 8 लेन तक चौड़ा करने का विकल्प भी खुला रखा गया है। यह नया मार्ग बुलंदशहर की 5 अलग-अलग तहसीलों से होकर गुजरेगा और जेवर में यमुना एक्सप्रेसवे तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ेगा।
मेरठ और हापुड़ को भी मिलेगा बड़ा फायदा
इस लिंक एक्सप्रेसवे का लाभ सिर्फ बुलंदशहर के लोगों तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसका बड़ा फायदा हापुड़ और मेरठ के निवासियों को भी मिलेगा, जिससे उनके लिए भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। यात्रियों को अब जाम और लंबी दूरी की दिक्कतों से नहीं जूझना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के इंजन के रूप में देख रही है, और यह नया लिंक मार्ग इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।













