छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के पास कुंदीकला गांव में एक सीआरपीएफ जवान की मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। जम्मू-कश्मीर में तैनात जवान राजाराम प्रजापति छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे। बताया जा रहा है कि पत्नी से तकरार के बाद वह गुस्से में घर से बाहर निकले और आम के पेड़ से लटककर जान दे दी। जैसे ही परिवार को इसकी भनक लगी, घर में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते पूरे गांव में यही चर्चा फैल गई।
सबसे पहले जवान की मां की नजर उन पर पड़ी, जब वह फंदे से झूल रहे थे। मां के शोर मचाते ही परिवार के लोग दौड़े और आनन-फानन में जवान को फंदे से उतारा। उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार ने जवान की पत्नी और ससुराल पक्ष पर सीधे-सीधे आरोप मढ़े हैं और साथ ही पुलिस के रवैये पर भी गहरी नाराजगी जताई है।
परिवार ने सुनाई झगड़े की पूरी कहानी
मृतक के भाई सुकुमार प्रजापति ने बताया कि उस रात पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। करीब रात आठ बजे राजाराम घर से बाहर निकले और फांसी लगा ली। बाद में मां ने उन्हें इस हालत में देखा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। सुकुमार के मुताबिक राजाराम जम्मू-कश्मीर में तैनात थे और उनकी नौकरी साल 2020 में लगी थी।
परिवार का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं था। साल 2025 में भी राजाराम ने जान देने की कोशिश की थी। उस वक्त उन्होंने कीटनाशक पी लिया था और एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें पत्नी और ससुराल वालों पर गंभीर इल्जाम लगाए गए थे। तब किसी तरह उनकी जान बचा ली गई थी और करीब एक से डेढ़ महीने तक इलाज चला था। ठीक होने के बाद वह दोबारा ड्यूटी पर लौट गए थे।
पुलिस पर अनदेखी का आरोप
सुकुमार प्रजापति का कहना है कि घर में आए दिन झगड़े होते रहते थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने थाने में शिकायत भी दी थी और संज्ञान लेने की गुजारिश की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि जवान को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है। इस सिलसिले में कई लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।













