लखनऊ से शुरू हुआ टी-20 सीरीज का रोमांच अब बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम तक जा पहुंचा है। गुवाहाटी, रांची और हैदराबाद की तरह ही यहां के छोटे मैदान और सपाट विकेट भी गेंदबाजों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहने वाले हैं। शुरुआती चारों मुकाबलों में बल्लेबाजों का दबदबा पूरी तरह साफ नजर आया है, जहां रन बनाने का सिलसिला लगातार जारी रहा है। अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, शाई होप और शरफेन रदरफोर्ड जैसे खिलाड़ियों ने हर मैदान पर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है और विरोधी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की है। इन परिस्थितियों को देखते हुए बेंगलुरु में भी रनों का अंबार लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
जब इस द्विपक्षीय सीरीज का आगाज हुआ था, तब ज्यादातर विशेषज्ञों का यही मानना था कि विश्व चैंपियन टीम इस मुकाबले को आसानी से अपने नाम कर लेगी और अंतिम मैच केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। हालांकि मैदान पर मुकाबले का हाल इसके बिल्कुल उलट रहा है और सीरीज का पूरा समीकरण ही बदल चुका है। वेस्टइंडीज की टीम के पास भारत की धरती पर पहली बार टी-20 सीरीज अपने नाम करने का ऐतिहासिक मौका है। आईपीएल के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और विराट कोहली का यह घरेलू मैदान माना जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में यहां के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं।
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के ऐतिहासिक आंकड़े
कर्नाटक के ऐतिहासिक एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में अब तक कुल 10 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं। इस मैदान पर आखिरी टी-20 मैच जनवरी 2024 में आयोजित हुआ था, जिसमें भारत ने रोमांचक मुकाबले के दूसरे सुपर ओवर में जीत दर्ज की थी। भारतीय टीम ने इस मैदान पर कुल 8 टी-20 मैच खेले हैं, जिनमें से 4 मुकाबलों में जीत मिली है और 3 में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि 1 मैच बेनतीजा रहा था। दूसरी ओर, वेस्टइंडीज ने इस मैदान पर अब तक सिर्फ 1 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला है, जिसमें उन्होंने श्रीलंका को 7 विकेट के बड़े अंतर से मात दी थी।
इस वेन्यू पर टी-20 अंतरराष्ट्रीय का सबसे बड़ा टीम टोटल 212 रन का है, जो भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में बना था जब दोनों टीमों ने इतने ही रन बनाए थे और मैच टाई हो गया था। इसके बाद सुपर ओवर के जरिए विजेता का फैसला हुआ था और टीम इंडिया ने बाजी मारी थी। इसके अलावा साल 2024 में ही इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में भारत ने 202 रन का स्कोर खड़ा किया था, जो इस मैदान पर 200 से अधिक रन बनने का दूसरा मौका था। व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो रोहित शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 121 रन की शानदार पारी खेली थी जो इस मैदान का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इसके अलावा ग्लेन मैक्सवेल ने भी भारत के खिलाफ नाबाद 113 रन की पारी खेलकर इस मैदान पर शतक जड़ा था।
कैरेबियाई खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
भले ही सीरीज के स्कोरबोर्ड पर दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर खड़ी नजर आ रही हों, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि मेहमान टीम ने इस पूरे दौरे पर अपना दबदबा बनाए रखा है। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक हर विभाग में कैरेबियाई खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाया है। शाई होप ने अब तक खेले गए 4 मुकाबलों में 190 के शानदार स्ट्राइक रेट से सबसे ज्यादा 261 रन बनाए हैं। इस फेहरिस्त में दूसरे स्थान पर शरफेन रदरफोर्ड का नाम आता है, जिन्होंने इतने ही मैचों में 188.89 के स्ट्राइक रेट से 188 रन अपने नाम किए हैं।
बाउंड्री लगाने के मामले में भी इन दोनों बल्लेबाजों का कोई मुकाबला नहीं रहा है। शरफेन रदरफोर्ड ने 19 चौके और 15 छक्के जड़े हैं, जबकि शाई होप ने 20 छक्के और 17 चौके लगाकर गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। गेंदबाजी की बात करें तो रॉस्टन चेज और कीमो पॉल ने इस सीरीज में अब तक सबसे ज्यादा 6-6 विकेट अपने नाम किए हैं। इन हाई-स्कोरिंग मुकाबलों के बावजूद दोनों गेंदबाजों का इकॉनमी रेट 10 से कम रहा है, जो उनकी किफायती गेंदबाजी को दर्शाता है।


















