लॉर्ड्स के मैदान पर चल रहे ऐतिहासिक महिला टेस्ट मैच में भारतीय टीम जीत से सिर्फ 4 विकेट दूर खड़ी है। जीत के लिए 457 रनों के भारी लक्ष्य का पीछा कर रही इंग्लैंड टीम ने तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक 6 विकेट गंवाकर महज 130 रन बनाए हैं। मेजबान टीम अब भी जीत से 327 रन दूर है और उसके पास बचे हैं सिर्फ 4 विकेट, जिससे चौथे दिन भारत के लिए इतिहास रचने का रास्ता लगभग साफ नजर आ रहा है।
टॉस हारकर भी भारत ने रखी मजबूत नींव
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत में लड़खड़ाई और 37 रन तक ही 2 विकेट गंवा बैठी। इसके बाद स्मृति मंधाना ने पारी को संभाला। उन्होंने पहले जेमिमा रोड्रिगेज के साथ 64 रन जोड़े और फिर कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ चौथे विकेट के लिए 89 रन की अहम साझेदारी करके टीम को मजबूती दी। मंधाना 12 चौकों की मदद से 83 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि कप्तान कौर के बल्ले से 58 रन निकले। दीप्ति शर्मा ने भी 57 रन जोड़कर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। भारतीय पारी आखिरकार 285 रन पर सिमटी। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन सबसे सफल गेंदबाज रहीं और उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए।
जवाब में इंग्लैंड की पारी 170 रन पर ढेर
285 रन के जवाब में उतरी इंग्लिश टीम भी बड़ी लड़खड़ाहट से नहीं बच सकी और सिर्फ 47 रन पर अपने 4 विकेट गंवा बैठी। इसके बाद कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने एमी जोन्स के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 84 रन जोड़कर पारी को थामने की कोशिश की। साइवर-ब्रंट 5 चौकों की मदद से 44 रन बनाकर पवेलियन लौटीं, जबकि जोन्स ने 6 चौकों के दम पर 52 रन की पारी खेली। इसके बाद इंग्लैंड की पारी संभल नहीं पाई और पूरी टीम 170 रन पर सिमट गई। भारत के लिए क्रांति गौड़ ने सबसे शानदार गेंदबाजी करते हुए 37 रन देकर 5 विकेट चटकाए।
यास्तिका के ऐतिहासिक शतक से भारत की दूसरी पारी में बड़ी बढ़त
पहली पारी के आधार पर भारत को 115 रन की बढ़त हासिल हो चुकी थी। इस बढ़त को और बड़ा करते हुए मेहमान टीम ने अपनी दूसरी पारी 341 रन 7 विकेट पर घोषित कर दी और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का विशाल लक्ष्य रख दिया। इस पारी में स्मृति मंधाना ने शेफाली वर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 88 रन जोड़े, जिसमें शेफाली वर्मा ने 33 रन बनाए। इसके बाद मंधाना ने यास्तिका भाटिया के साथ दूसरे विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी निभाई। मंधाना 10 चौकों की मदद से 70 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि यास्तिका भाटिया ने 14 चौकों की मदद से 113 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी के साथ यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक जड़ने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गईं। इसके बाद ऋचा घोष ने भी 52 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए, जिसमें 8 चौके शामिल रहे। इंग्लैंड की ओर से इस पारी में भी सोफी एक्लेस्टोन ने सबसे ज्यादा 5 विकेट लिए।
चौथे दिन सिर्फ 4 विकेट का इंतजार
457 रन के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम तीसरे दिन की समाप्ति तक 40 ओवर में 6 विकेट गंवाकर सिर्फ 130 रन ही जोड़ सकी। टीम को सिर्फ 2 रन के स्कोर पर टैमी ब्यूमोंट का विकेट गंवाकर पहला झटका लगा, जो बिना खाता खोले आउट हुईं। इसके बाद हालात और बिगड़े और टीम ने 59 रन तक अपने 5 विकेट गंवा दिए। हालांकि इसके बाद मैडी विलियर्स ने एमी जोन्स के साथ छठे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी करके भारत के जीत के इंतजार को चौथे दिन तक खींच दिया। विलियर्स 3 चौकों की मदद से 26 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि एमी जोन्स एक बार फिर 6 चौकों के साथ 52 रन बनाकर नाबाद लौटीं। भारत की ओर से इस पारी में सायली सातघारे, क्रांति गौड़ और स्नेह राणा ने 2-2 विकेट अपने नाम किए। गौरतलब है कि लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर यह पहला महिला टेस्ट मैच खेला जा रहा है, और इसे जीतकर भारतीय टीम एक नया इतिहास रचना चाहेगी।











