इंग्लैंड के विरुद्ध पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के तीसरे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को 125 रनों के विशाल अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस मैच में भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह से लड़खड़ा गया और टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहद मामूली स्कोर पर ढेर हो गई। मैच की समाप्ति के पश्चात मुख्य कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के कड़े सवालों का सामना किया, लेकिन उनकी रणनीतियों और विशेष रूप से बैटिंग लाइनअप में किए गए बदलावों पर अब हर तरफ से आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है।
नॉटिंघम में बिखरा भारतीय बल्लेबाजी का क्रम
नॉटिंघम के मैदान पर खेले गए इस निर्णायक मैच में एक बार फिर अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी को पारी की शुरुआत करने का जिम्मा सौंपा गया था। हालांकि, यह सलामी जोड़ी विपक्षी गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और दोनों ही खिलाड़ी जल्दी पवेलियन लौट गए। अभिषेक शर्मा केवल 10 रन बना सके, जबकि वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से मात्र 13 रनों का योगदान आया। इनके विकेट जल्दी गिरने के बाद ईशान किशन भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और सस्ते में आउट होकर चलते बने।
फैंस और आलोचकों के निशाने पर गंभीर की रणनीति
शुरुआती विकेटों के पतन के बाद जब गौतम गंभीर ने टीम में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन के तहत बदलाव किए, तो वे प्रशंसकों और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गए। मैच के दौरान बैटिंग ऑर्डर को जिस तरह से बदला गया, उसने कई लोगों को चकित कर दिया। गंभीर की इन विवादास्पद फैसलों और टीम चयन की नीति पर पिछले कुछ समय से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। पूर्व क्रिकेटरों ने भी समय-समय पर यह आरोप लगाया है कि टीम के चयन और रणनीतिक फैसलों में गंभीर की राजनीति का असर दिखता है, जिससे कई होनहार खिलाड़ियों का करियर प्रभावित हो रहा है।











