इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे T20I मुकाबले में क्रिकेट प्रशंसकों को 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी से एक बड़ी और प्रभावशाली पारी की काफी उम्मीदें थीं। हालांकि, ट्रेंट ब्रिज के मैदान पर उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और वह क्रीज पर टिकने के लिए संघर्ष करते दिखे। जोफ्रा आर्चर की घातक गेंदबाजी और उनकी सटीक रणनीतिक गेंदबाजी के सामने वैभव का धैर्य जवाब दे गया। अंततः वह महज 13 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन वापस लौट गए।
मैदान पर वैभव का संघर्ष
मैनचेस्टर में खेले गए पिछले T20I मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 14 रन बनाए थे, लेकिन इस बार वह उससे भी एक रन कम बना सके। उनकी इस संक्षिप्त पारी का अंत राजस्थान रॉयल्स में उनके साथी खिलाड़ी जोफ्रा आर्चर ने किया। आर्चर ने अपनी गति और बाउंस का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए एक तेज बाउंसर फेंकी। वैभव उस गेंद पर पुल शॉट खेलने में थोड़ा चूक गए और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर जोस बटलर के दस्तानों में समा गई।
मैच के शुरुआती क्षणों की बात करें तो आर्चर की पहली गेंद ही 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली एक खतरनाक बाउंसर थी। वैभव ने इस पर शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन चूक गए। हालांकि, इसके बाद उन्होंने साहस दिखाते हुए ऑफ स्टंप के बाहर आई एक शॉर्ट गेंद पर शॉट लगाया, जो थर्ड मैन के ऊपर से छक्के के लिए चली गई। जोश टंग के खिलाफ भी वैभव ने कुछ रन बटोरे, जिसमें एक चौका और एक सिंगल शामिल था। लेकिन जैसे ही आर्चर ने अपने दूसरे स्पेल में लेग स्टंप पर सटीक बाउंसर फेंकी, वैभव फिर से पुल शॉट के लिए गए और अपना विकेट गंवा बैठे।
पावरप्ले में भारतीय बल्लेबाजी का पतन
वैभव के आउट होने से पहले जोश टंग ने अभिषेक शर्मा को आउट करके भारत को बड़ा झटका दिया था। इसके बाद टंग ने ईशान किशन को भी सस्ते में पवेलियन भेज दिया। संकट तब और गहरा गया जब आर्चर ने एक ही ओवर में कप्तान श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल को आउट करके भारतीय टीम की कमर तोड़ दी। इस तरह केवल पांच ओवर के खेल में ही भारतीय टीम का स्कोर पांच विकेट के नुकसान पर 52 रन तक सिमट गया।
पावरप्ले के छठे और आखिरी ओवर में विल जैक्स ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए केवल दो रन दिए। छह ओवर की समाप्ति के बाद भारत का कुल स्कोर 54 रन पर पांच विकेट था। इस मुकाबले के साथ ही भारतीय टीम के नाम एक बेहद निराशाजनक रिकॉर्ड दर्ज हो गया। T20I क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत ने पावरप्ले के शुरुआती छह ओवरों के भीतर ही अपने पांच प्रमुख विकेट गंवा दिए हैं। पूरी भारतीय टीम संघर्ष करती रही और अंततः इंग्लैंड ने 125 रनों से जीत दर्ज करते हुए सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।











