भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी तीन मुकाबलों की एकदिवसीय श्रृंखला का दूसरा मैच 30 सितंबर को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। श्रृंखला के शुरुआती मैच में भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की थी। इस दमदार शुरुआत के बाद शुभमन गिल के नेतृत्व में भारतीय दल की पूरी कोशिश दूसरे मैच को जीतकर श्रृंखला में अजेय बढ़त हासिल करने पर टिकी है। हालांकि, मुकाबले के नतीजे के साथ-साथ फैंस और दोनों टीमों की नजरें आसमान पर भी टिकी रहने वाली हैं, क्योंकि यहां मौसम का मिजाज खेल का रोमांच बिगाड़ सकता है।
दोपहर के समय तेज आंधी और बारिश का बड़ा खतरा
गुवाहाटी के वातावरण की बात करें तो मैच के दौरान वहां उमस और भीषण गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। दिन के समय अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किए जाने का अनुमान जताया गया है। लेकिन तापमान के साथ-साथ बादलों की गरज और तूफान भी मुकाबले को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकते हैं। समय सारिणी के मुताबिक यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस की प्रक्रिया दोपहर 1:30 बजे पूरी की जानी है। टॉस के वक्त ही बारिश होने की 49 फीसदी संभावना व्यक्त की गई है, जो मैच शुरू होने के समय यानी दोपहर 2 बजे के करीब बढ़कर 68 फीसदी तक पहुंच सकती है। इस शुरुआती समय में मैदान के ऊपर तेज तूफान आने की आशंका बनी हुई है।
शाम 6 बजे के बाद हालात में सुधार की संभावना
मौसम के रुख पर नजर डालें तो मुकाबले के शुरुआती हिस्से में व्यवधान की सबसे ज्यादा संभावना है। दोपहर से लेकर शाम 5 बजे तक भारी बारिश का खतरा लगातार मंडराता रहेगा। इसके बाद शाम 6 बजे से मौसम साफ होने की उम्मीद है, जब बारिश की आशंका घटकर 50 फीसदी से नीचे आ जाएगी। शाम 7 बजे तक यह संभावना गिरकर लगभग 20 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगी, जिससे मैच के उत्तरार्ध में खेल सुचारू रूप से आगे बढ़ सकता है।
डकवर्थ लुईस नियम और टॉस की रणनीति
मौसम की इस अनिश्चितता के कारण टॉस जीतने वाली टीम का रुख पहले फील्डिंग करने की ओर झुक सकता है। यदि बारिश की वजह से खेल रुकता है और ओवरों में कटौती करनी पड़ती है, तो डकवर्थ लुईस नियम लागू होने की स्थिति बनेगी। ऐसे में बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम के सामने संशोधित लक्ष्य स्पष्ट रहेगा, जिससे रन चेज की रणनीति तय करना ज्यादा आसान हो जाता है। इस समीकरण को ध्यान में रखते हुए दोनों कप्तानों के लिए टॉस की भूमिका और भी अहम साबित हो सकती है।

















