भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को फाइनल मुकाबले में शिकस्त देकर रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस खिताबी जीत के बाद दुबई के मैदान पर एक बड़ा वाकया देखने को मिला, जब चैंपियन भारतीय खिलाड़ियों ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इस घटना ने खेल जगत में हलचल मचा दी है और पिछले साल के उस विवाद की याद ताजा कर दी है, जब ऐसा ही वाकया पुरुष क्रिकेट से जुड़ा हुआ सामने आया था।
दुबई में हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा
टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला जीतने के बाद जब पुरस्कार वितरण समारोह शुरू हुआ, तो विजेता भारतीय टीम ने मंच पर मौजूद मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से दूरी बना ली। खिलाड़ियों के इस रुख के बाद वहां मौजूद अधिकारी और प्रबंधन सकते में आ गए। इस पूरे घटनाक्रम के चलते स्टेडियम में कुछ देर के लिए हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। भारतीय टीम के इस कड़े रुख के बाद पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख को बिना ट्रॉफी सौंपे ही वहां से लौटना पड़ा।
पिछले विवादों की फिर से ताजा हुई यादें
दुबई में घटी इस घटना ने पिछले साल हुए उस वाकये की यादें ताजा कर दी हैं, जब पुरुष एशिया कप के दौरान भी कुछ ऐसा ही विवाद सामने आया था। उस समय भी मोहसिन नकवी द्वारा भारतीय पुरुष टीम को ट्रॉफी सौंपे जाने को लेकर स्थिति असहज हो गई थी। इस बार महिला एशिया कप के फाइनल में भी वही परिदृश्य दोहराया गया, जिससे यह साफ हो गया कि भारतीय टीम का रुख इस मामले में कितना स्पष्ट और अडिग रहा है।

















