इंग्लैंड के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच आयोजित हालिया टेस्ट मुकाबला इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। इस रोमांचक मैच में भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को 270 रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी है। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर यह पहला मौका था जब महिला टेस्ट मैच का आयोजन किया गया था, और इस ऐतिहासिक स्थल पर विजय प्राप्त कर भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी एक विशेष छाप छोड़ी है। यह जीत न केवल एक बड़े स्कोर के साथ हासिल की गई, बल्कि इसने इंग्लैंड की धरती पर भारतीय महिला टीम के टेस्ट क्रिकेट में कभी न हारने वाले सिलसिले को भी पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाया है।
इंग्लैंड में टेस्ट मुकाबलों का सफल इतिहास
भारतीय महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड के मैदानों पर टेस्ट रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। दोनों देशों की टीमों के बीच इंग्लैंड में अब तक कुल 10 टेस्ट मैच खेले गए हैं। इन मुकाबलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 7 मैच अनिर्णायक यानी ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं, जबकि शेष 3 मैचों में भारतीय टीम ने जीत का परचम लहराया है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारतीय महिला टीम इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट प्रारूप में अब तक एक बार भी पराजित नहीं हुई है। इन तीन ऐतिहासिक जीत के सफर की शुरुआत साल 2006 में हुई थी, जब टीम ने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराया था। इसके बाद दूसरी जीत के लिए टीम को साल 2014 तक इंतजार करना पड़ा, जिसमें उन्होंने 6 विकेट से जीत हासिल की। लॉर्ड्स में मिली हालिया जीत इसी क्रम में तीसरी और सबसे गौरवशाली उपलब्धि है।
1986 से शुरू हुआ दौर
इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट खेलने की भारतीय महिला टीम की शुरुआत साल 1986 में हुई थी। अपने पहले ही दौरे पर टीम इंडिया ने तीन टेस्ट मैच खेले थे और ये सभी मुकाबले ड्रॉ रहे थे। उस समय टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी शुभांगी कुलकर्णी निभा रही थीं, जिन्होंने रेड बॉल फॉर्मेट में भारतीय टीम को एक नई दिशा दी थी। उस शुरुआती दौरे के बाद से लेकर अब तक, भारतीय महिला टीम ने कुल 7 बार इंग्लैंड का दौरा किया है ताकि वहां टेस्ट सीरीज में हिस्सा ले सके। यह निरंतरता भारतीय महिला क्रिकेट की मजबूती को दर्शाती है।
लॉर्ड्स में बल्ले और गेंद से दिखा कमाल
लॉर्ड्स के इस ऐतिहासिक टेस्ट में भारतीय टीम की जीत एकतरफा रही। टीम इंडिया ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रनों का बेहद चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। दबाव में बिखरी इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी में मात्र 186 रनों पर सिमट गई। इस जीत की पटकथा लिखने में बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों की अहम भूमिका रही। बल्लेबाजी में यास्तिका भाटिया ने दूसरी पारी में शानदार शतक जड़ा और 113 रन बनाए। वहीं, गेंदबाजी की बात करें तो श्री चरनी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में 5 विकेट अपने नाम किए और मैच के नतीजे को भारत के पक्ष में मोड़ दिया।











