इंग्लैंड की सरजमीं पर टी20 इंटरनेशनल सीरीज फतेह करने का भारतीय क्रिकेट टीम का सपना चकनाचूर हो गया है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम की हालत अब इतनी नाजुक हो चुकी है कि उस पर सीरीज में एक भी मैच न जीत पाने का खतरा मंडरा रहा है। टी20 क्रिकेट के इतिहास में इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि जब भारतीय टीम ने इंग्लैंड का दौरा किया हो और दो से अधिक मैचों की द्विपक्षीय सीरीज में उसे एक भी जीत नसीब न हुई हो। लेकिन अब मौजूदा टीम इंडिया इतिहास के इसी शर्मनाक मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है, जहां अपनी साख बचाना भी उसके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सीरीज जीतने की उम्मीदें हुईं खत्म, बराबरी की डगर भी मुश्किल
इस दौरे पर भारतीय टीम के फैंस को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन ने खेल का पूरा समीकरण ही बिगाड़ दिया है। इतिहास में पहली बार भारत और इंग्लैंड के बीच अंग्रेजी धरती पर पांच मैचों की एक लंबी T20 सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबलों में से दो में भारतीय टीम को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मुकाबला बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। इस खराब प्रदर्शन का सीधा मतलब यह है कि साल 2018 से चला आ रहा भारतीय टीम की सीरीज जीत का सिलसिला अब यहीं थम गया है। अब अगर भारत बचे हुए दोनों मैच जीत भी लेता है, तो सीरीज केवल 2-2 की बराबरी पर समाप्त हो पाएगी। ऐसे में भारतीय टीम के लिए अब सीरीज जीतने का कोई भी मौका गणितीय रूप से बाकी नहीं बचा है।
इंग्लैंड में भारतीय टीम का पुराना T20 ट्रैक रिकॉर्ड
अगर इतिहास के पन्नों को पलटें, तो इंग्लैंड के मैदानों पर भारत का द्विपक्षीय T20 सीरीज रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है। दोनों देशों के बीच इंग्लैंड की धरती पर पहली बार साल 2011 में T20 सीरीज खेली गई थी। उस दौरे पर केवल एक ही मुकाबला आयोजित किया गया था, जिसमें मेजबान इंग्लैंड ने जीत हासिल की थी। इसके बाद साल 2014 में टीम इंडिया ने एक बार फिर इंग्लैंड का दौरा किया और इस बार भी एकमात्र मुकाबले वाली सीरीज में इंग्लैंड की टीम ही विजयी रही थी। हालांकि, साल 2018 में पहली बार दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की T20 सीरीज खेली गई, जिसे भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए 2-1 से अपने नाम कर लिया था। इसके बाद साल 2022 के दौरे पर भी टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज में अपना दबदबा कायम रखा और ट्रॉफी जीती। यानी इतिहास गवाह है कि जब भी इंग्लैंड में दो से अधिक मैचों की T20 सीरीज हुई, भारत हमेशा चैंपियन बनकर ही स्वदेश लौटा।
शर्मनाक सफाए के मुहाने पर खड़ी श्रेयस अय्यर की सेना
कागजी तौर पर भले ही यह उम्मीद जताई जा रही हो कि बचे हुए दोनों मैच जीतकर भारतीय टीम सीरीज को बराबरी पर खत्म कर सकती है, लेकिन मैदान पर टीम का मौजूदा खेल इस उम्मीद को पूरी तरह खारिज करता है। अब तक खेले गए दोनों पूरे मुकाबलों में भारतीय टीम हर मोर्चे पर इंग्लैंड के सामने बेहद कमजोर और दिशाहीन नजर आई है। मेजबान टीम ने खेल के हर विभाग में मेहमान टीम को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया है। ऐसे में अब भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को पूरी तरह से क्लीन स्वीप होने से बचाने की है। अगर टीम इंडिया बचे हुए मैचों में से एक भी मुकाबला नहीं जीत पाती है, तो यह भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड होगा। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं, और खेल प्रेमियों के बीच BCCI के इस फैसले को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।











