घरेलू क्रिकेट की पिचों पर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लगातार अपनी धारदार गेंदबाजी से बल्लेबाजों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। गेंद का मिजाज लाल हो या सफेद, उनका पूरा ध्यान केवल विपक्षी टीम के विकेट चटकाने पर टिका हुआ है। पिछले सत्र में लगातार शानदार आंकड़े दर्ज कराने के बाद अब उन्होंने रणजी ट्रॉफी के नए सत्र का आगाज भी आक्रामक अंदाज में किया है। इसके बावजूद राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ता उनके इन मजबूत आंकड़ों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रणजी के नए सत्र में दिल्ली के खिलाफ बरपाया कहर
कल्याणी स्थित बंगाल क्रिकेट एकेडमी मैदान पर मोहम्मद शमी ने दिल्ली की बल्लेबाजी पंक्ति को अपनी बेहतरीन सीम और स्विंग से पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। इस मुकाबले में बंगाल की ओर से मुकेश कुमार और आकाशदीप भी खेल रहे थे, लेकिन मोहम्मद शमी की गेंदबाजी का स्तर दोनों से कहीं आगे दिखा। शमी ने सटीक लाइन और लेंथ के दम पर दिल्ली के बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया।
मोहम्मद शमी ने अपने स्पेल में कुल 17.3 ओवर फेंके, जिनमें से 9 ओवर मेडन रहे। इस दौरान उन्होंने केवल 30 रन खर्च किए और 4 महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। उनका पहला शिकार यश ढुल बने, जिन्हें शमी ने शानदार आउटस्विंग गेंद पर फंसाया। इसके बाद उन्होंने आयुष डुसेजा, ऋतिक शौकीन और द्विज मेहरा को पवेलियन भेजकर अपनी शानदार लय का प्रमाण दिया।
दलीप ट्रॉफी के बाद कायम रखी पुरानी चमक
दलीप ट्रॉफी में भाग लेने के बाद रणजी मैदान पर उतरे मोहम्मद शमी की गेंदबाजी में वही पुरानी गति, स्विंग और विकेट लेने की भूख दिखाई दी। अजित अगरकर के जाने के बाद नई चयन समिति के गठन से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद भुवी के बाद अब मोहम्मद शमी को भी दोबारा मौका मिल सकता है। नई चयन समिति की सोच को देखते हुए शमी के प्रदर्शन पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पिछले घरेलू सत्र में दर्ज किए थे 65 विकेट
वर्ष 2025 में भारत को चैंपियन बनाने के बाद से मोहम्मद शमी राष्ट्रीय टीम से लगातार बाहर चल रहे हैं। उन्हें टीम से बाहर रहे करीब 1 साल और 7 महीने का वक्त बीत चुका है, लेकिन वह लगातार घरेलू मंचों पर खुद को साबित कर रहे हैं। उनके पिछले सत्र के आंकड़े बताते हैं कि वह अपनी शीर्ष फिटनेस और फॉर्म में हैं।
पिछले सत्र में मोहम्मद शमी ने 7 मैचों में 37 विकेट अपने नाम किए थे। इस दौरान सेमीफाइनल मैच में उन्होंने 90 रन देकर 8 विकेट झटकने का बड़ा कारनामा किया था। इसके अलावा उन्होंने दलीप ट्रॉफी में 7 विकेट, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 16 विकेट और वनडे फॉर्मेट में 15 विकेट हासिल किए थे। कुल मिलाकर पिछले पूरे घरेलू सत्र में उनके खाते में 65 विकेट दर्ज हुए थे, लेकिन इतने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद भी चयन समिति का रुख उनकी ओर नहीं बदला है।


















