अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट का नाम एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में लिया जाता है जिन्होंने खेल के इस फॉर्मेट में विकेटकीपर की भूमिका को पूरी तरह से बदल दिया। एक समय था जब क्रिकेट में विकेटकीपरों को मुख्य रूप से केवल दस्ताने संभालने के लिए जाना जाता था और बल्लेबाजी में उनसे ज्यादा उम्मीद नहीं की जाती थी, लेकिन एडम गिलक्रिस्ट ने इस धारणा को हमेशा के लिए बदल दिया। मैदान पर उतरने वाले गेंदबाजों के मन में उनके आक्रामक खेल का एक अलग ही खौफ रहता था।
टेस्ट क्रिकेट की सबसे कठिन जिम्मेदारी और फिटनेस
क्रिकेट के खेल में विकेटकीपिंग करना सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण काम माना जाता है। खासकर टेस्ट और एकदिवसीय मुकाबलों के दौरान यह जिम्मेदारी खिलाड़ियों को शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद थका देने वाली होती है। इसके बावजूद एडम गिलक्रिस्ट के भीतर थकान नाम की कोई चीज नजर नहीं आती थी। उनकी इसी गजब की फिटनेस और निरंतरता के कारण उनके नाम टेस्ट क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा अनूठा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ पाना या उसके आस-पास पहुंच पाना भी आज के दौर के क्रिकेटरों के लिए बेहद मुश्किल काम साबित होगा।
डेब्यू से लेकर संन्यास तक लगातार खेले मुकाबले
एडम गिलक्रिस्ट के नाम दर्ज यह खास कीर्तिमान यह है कि उन्होंने अपने टेस्ट करियर की पहली गेंद से लेकर खेल को अलविदा कहने तक कभी भी टीम से बाहर का रास्ता नहीं देखा। जब से उन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में अपना पहला मुकाबला खेला, उसके बाद से चयनकर्ताओं ने उन्हें कभी ड्रॉप नहीं किया और वह लगातार खेलते रहे। यह सिलसिला तब तक जारी रहा जब तक कि उन्होंने खुद अपने अंतरराष्ट्रीय संन्यास की घोषणा नहीं कर दी।
करियर के आंकड़े और यादगार प्रदर्शन
ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए एडम गिलक्रिस्ट ने साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। इसके बाद उनका सफर साल 2008 में भारत के खिलाफ खेले गए उनके आखिरी टेस्ट मैच तक चला। अपने पूरे 9 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल 96 मुकाबले खेले। इन 96 मैचों में से कंगारू टीम ने 73 मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की थी। उनके इन आंकड़ों से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह टीम की जीत में कितने अहम योगदानकर्ता थे।
खतरनाक बल्लेबाजी और रनों का अंबार
बल्लेबाजी के मोर्चे पर एडम गिलक्रिस्ट के आंकड़े किसी भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज को टक्कर दे सकते हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 81.95 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट के साथ कुल 5570 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 17 शानदार शतक और 26 अर्धशतक निकले। टेस्ट फॉर्मेट में उनका व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर नाबाद 204 रन का रहा। मैदान पर उनकी यह शैली और आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि वह अपने दौर के सबसे खूंखार और प्रभावी खिलाड़ियों में गिने जाते थे।



















