रांची के मैदान पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में दर्शकों को चौकों और छक्कों की जबरदस्त बरसात देखने को मिली, लेकिन इस महामुकाबले के नतीजे के बाद भारतीय खेमे से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 249 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम ने 252 रन बनाकर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा कर दिखाया। इस हाई स्कोरिंग मुकाबले में मिली हार के बाद भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर ने गेंदबाजों के लिए पूरी तरह बेजान और सपाट पिचों को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है।
दस दिनों के भीतर दूसरी बार पिच पर उठाए गंभीर सवाल
सफेद गेंद की क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बनाए रखने की वकालत करते हुए मुख्य कोच ने पिच क्यूरेटरों और आयोजकों की सोच पर सवाल खड़े किए। पिछले दस दिनों के भीतर यह दूसरा अवसर है जब गंभीर ने मैदान की परिस्थितियों को लेकर सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इससे पहले गुवाहाटी में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच के दौरान भी उन्होंने ऐसी ही चिंता जताई थी। उस मुकाबले में भारतीय टीम ने 406 रनों के विशालकाय लक्ष्य को 39 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया था। गंभीर का मानना है कि यदि गेंदबाजों को पिच से कोई मदद नहीं मिलेगी, तो युवा प्रतिभाओं का खेल में टिक पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
बराबरी के मुकाबले की जोरदार मांग
मुकाबले के समाप्त होने के बाद गंभीर ने साफ शब्दों में कहा कि क्रिकेट का असली रोमांच दोनों पक्षों के बीच बराबरी के संघर्ष में छिपा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि केवल चौके और छक्के देखना ही खेल का एकमात्र उद्देश्य नहीं हो सकता। गेंदबाजों के पक्ष में मजबूती से बात रखते हुए गंभीर ने कहा कि क्या आप बल्ले और गेंद के बीच अच्छा मुकाबला नहीं देखना चाहते, हम भी बराबरी का मुकाबला देखना चाहते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि ये गेंदबाज हमारी अपनी राष्ट्रीय धरोहर हैं और वे इस स्तर तक पहुंचने के लिए वर्षों तक खून पसीना बहाते हैं। यदि खेल में उनका संरक्षण नहीं किया गया, तो उनका पूरा भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
रांची में बना रनों का नया कीर्तिमान
रांची स्थित जेएससीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्टेडियम में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने मिलकर कुल 38.3 ओवरों में 501 रन जोड़ दिए। अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों के पूरे इतिहास में यह किसी भी एक मैच का दूसरा सबसे बड़ा संयुक्त स्कोर दर्ज हुआ है। मैच की शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए छठे ओवर तक वेस्टइंडीज के 58 रन पर 3 विकेट गिरा दिए थे। इसके बावजूद कैरेबियाई बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी और आक्रामक रवैया जारी रखा।
होप और रदरफोर्ड के तूफान से सीरीज 1-1 से बराबर
वेस्टइंडीज की ऐतिहासिक जीत के मुख्य नायक शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड रहे। शानदार लय में चल रहे शाई होप ने महज 45 गेंदों पर नाबाद 102 रनों की शतकीय पारी खेली। दूसरी तरफ शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन जड़कर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के परखच्चे उड़ा दिए। इन दोनों पारियों के बूते वेस्टइंडीज ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की श्रृंखला में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली है। दोनों टीमों के बीच तीसरा मुकाबला आगामी रविवार को इंदौर के मैदान पर खेला जाना तय है।



















