राजस्थान के अलवर जिले में एक बेहद हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है, जहां शांतिकुंज इलाके में एफसीआई गोदाम के समीप एक विवाहिता ने रेल पटरी पर आकर अपनी जान दे दी। मृतका की पहचान जनता कॉलोनी निवासी अंतिमा के रूप में हुई है, जो नौ माह के गर्भ से थीं। उन्होंने वहां से गुजर रही डबल डेकर ट्रेन के सामने छलांग लगा दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस स्तब्ध करने वाले कदम को उठाने से पूर्व महिला ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें अपनी इस चरम स्थिति के लिए ससुराल पक्ष को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है।
सुसाइड नोट में सख्त सजा की गुहार
बरामद सुसाइड नोट में अंतिमा ने अपने पति, ससुर और सास पर निरंतर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना देने की बात दर्ज की है। उन्होंने पत्र में मांग की है कि आरोपियों को उनके किए की कड़ी से कड़ी सजा मिले और उन्हें उम्रकैद या फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए। मृतका के परिजनों का कहना है कि विवाह के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की लगातार मांग कर रहे थे और उसे चैन से जीने नहीं दे रहे थे।
विवाह के तीन साल और पूर्व में हुए हमले के आरोप
परिजनों के अनुसार, अंतिमा का विवाह लगभग तीन वर्ष पूर्व भरतपुर जिले के शकरपुर निवासी सौम्य राजपूत के साथ संपन्न हुआ था। सौम्य एक राजकीय विद्यालय में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत है। मायके पक्ष ने यह भी सनसनीखेज आरोप लगाया है कि करीब छह महीने पहले ससुराल में अंतिमा का गला घोंटकर उसे जान से मारने का प्रयास भी किया गया था। लगातार बढ़ते दबाव और प्रताड़ना के चलते यह दर्दनाक घटना घटित हुई। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं और आरोपों की गहनता से पड़ताल कर रही है।



















