भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला टीम इंडिया ने 6 विकेट से अपने नाम कर शानदार आगाज किया था। अब इसी सीरीज का दूसरा मैच 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डेन्स स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां जीत के साथ भारतीय टीम सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना सकती है। मैच शुरू होने से पहले ही सबकी नजरें सोफिया गार्डेन्स की पिच पर टिकी हैं, क्योंकि यहां का इतिहास साफ तौर पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के पक्ष में झुका हुआ नजर आता है। यही वजह है कि इस मुकाबले में टॉस की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि टॉस जीतने वाला कप्तान पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए पहले गेंदबाजी का फैसला ले सकता है।
कार्डिफ के 31 वनडे मुकाबलों का आंकड़ा क्या कहता है
सोफिया गार्डेन्स स्टेडियम में अब तक कुल 31 वनडे मैच खेले जा चुके हैं और इनका आंकड़ा साफ तौर पर बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमों की तरफ झुका हुआ है। इनमें से सिर्फ 8 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम मैच जीत पाई है, जबकि 19 बार जीत लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के हिस्से आई है। एक मुकाबला टाई पर छूटा तो 3 मैच किसी नतीजे तक पहुंचे बिना ही खत्म हो गए। अगर सिर्फ पिछले एक दशक के आंकड़ों पर गौर करें तो तस्वीर लगभग वैसी ही नजर आती है, इस दौरान यहां 12 वनडे मुकाबले खेले गए और इनमें से भी 8 बार जीत उसी टीम को मिली जिसने बाद में बल्लेबाजी की। मेजबान इंग्लैंड की बात करें तो उसने इस मैदान पर अब तक 18 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें से 10 में उसे जीत मिली और 4 में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 4 मुकाबले किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाए। एक और आंकड़ा जो बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए मायने रखता है, वह है इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर, जो 220 से 230 रनों के बीच रहता है, यानी यहां बहुत बड़े स्कोर की उम्मीद कम ही रहती है।
सोफिया गार्डेन्स में भारतीय टीम का रिकॉर्ड
इस मैदान पर भारतीय टीम की भी यादें कमोबेश अच्छी रही हैं। टीम इंडिया ने यहां अब तक 5 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें से 3 में उसे जीत मिली है, 1 में हार झेलनी पड़ी और 1 मुकाबला बिना नतीजे के खत्म हो गया था। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय टीम ने आखिरी बार इस स्टेडियम में साल 2014 में वनडे मुकाबला खेला था और वह भी मौजूदा प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड के ही खिलाफ था। उस मैच में टीम इंडिया ने एकतरफा अंदाज में 133 रनों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। एक दशक से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद जब भारतीय टीम दोबारा इस मैदान पर उतरेगी, तो पुराने अच्छे अनुभव के साथ-साथ खिलाड़ियों को पिच के मौजूदा मिजाज को भी बारीकी से समझना होगा।
टॉस और रणनीति पर टिकी रहेंगी सबकी निगाहें
आंकड़े जिस तरह से साफ तौर पर पहले गेंदबाजी करने वाली टीम के पक्ष में झुके नजर आते हैं, उसे देखते हुए इस मुकाबले में टॉस सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला पल बन सकता है। जो भी कप्तान टॉस जीतेगा, वह सोफिया गार्डेन्स के इसी पुराने रुझान को ध्यान में रखते हुए पहले गेंदबाजी करने का विकल्प चुन सकता है। भारतीय टीम के लिए यह मैच जीतकर सीरीज को 2-0 से इंग्लैंड की पहुंच से दूर करने का मौका होगा, वहीं मेजबान टीम के लिए यह सीरीज को बराबरी पर लाकर आखिरी मुकाबले तक जिंदा रखने की कोशिश रहेगी।











