रेड बॉल क्रिकेट में पांच दिन तक धैर्य, तकनीक और शारीरिक-मानसिक सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा होती है। टेस्ट मैच की एक पारी में 5 विकेट लेना ही किसी भी गेंदबाज के लिए एक शानदार उपलब्धि मानी जाती है, लेकिन पूरे मैच की दोनों पारियों में मिलाकर 10 या उससे अधिक विकेट चटकाना एक बेहद असाधारण कारनामा है। 147 वर्षों से अधिक के लंबे और समृद्ध टेस्ट इतिहास में सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज मैदान में उतरे हैं, लेकिन केवल कुछ ही ऐसे महान खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने मैच में 10 विकेट लेने की इस कठिन कला को अपनी आदत बना लिया। ऐसे स्पैल पूरे मुकाबले का रुख अकेले पलटने का दम रखते हैं। दुनिया के केवल पांच गेंदबाज इस विशिष्ट सूची के शिखर पर काबिज हैं, जिसमें चार स्पिनर और केवल एक तेज गेंदबाज शामिल है, जबकि भारत की तरफ से सिर्फ एक नाम दर्ज है।
1. मुथैया मुरलीधरन: 22 बार 10 विकेट हॉल का अटूट विश्व रिकॉर्ड
श्रीलंका के महान ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे महान गेंदबाजों में गिना जाता है। 1992 से 2010 के बीच अपने 133 टेस्ट मैचों के लंबे और यादगार करियर के दौरान उन्होंने दुनिया भर के दिग्गज बल्लेबाजों के बीच अपनी घूमती गेंदों का खौफ पैदा किया। मुरलीधरन ने अपने करियर में रिकॉर्ड 22 बार एक ही टेस्ट मैच में 10 या उससे अधिक विकेट लेने का अद्भुत कारनामा किया। यह एक ऐसा विश्व रिकॉर्ड है जिसे तोड़ना आधुनिक क्रिकेट में लगभग असंभव माना जाता है।
मुरलीधरन ने अपने टेस्ट करियर का अंत 800 विकेटों के विशाल आंकड़े के साथ किया, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सर्वोच्च रिकॉर्ड है। उन्होंने अपने करियर में 67 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया। 22.72 की शानदार गेंदबाजी औसत और इंग्लैंड के खिलाफ 9/51 के अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ, मुरलीधरन ने पिच पर अपनी फिरकी का ऐसा मायाजाल बुना कि दुनिया का कोई भी बल्लेबाज उनकी विविधता और टर्न को आसानी से समझ नहीं पाया।
2. शेन वॉर्न: लेग स्पिन के जादूगर का 10 मुकाबलों में दबदबा
श्रीलंका के मुरलीधरन के समकालीन और टेस्ट इतिहास के सबसे करिश्माई ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वॉर्न इस ऐतिहासिक फेहरिस्त में दूसरे स्थान पर आते हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस लेग स्पिनर ने 1992 से 2007 तक के अपने 145 टेस्ट मैचों के करियर में कुल 708 टेस्ट विकेट चटकाए। वॉर्न ने अपनी अद्भुत लेग ब्रेक, तेज फ्लिपर और सटीक फ्लाइट से विरोधी टीमों की बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस करने में महारत हासिल की थी।
अपने करियर में शेन वॉर्न ने 10 अलग-अलग टेस्ट मैचों में मैच में 10 या उससे अधिक विकेट लेने की उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 37 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा भी किया। उनका सर्वश्रेष्ठ टेस्ट प्रदर्शन 8/71 रहा, जो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हासिल किया था। वॉर्न ने अपने करियर से यह साबित कर दिखाया कि लेग स्पिन केवल एक आकर्षक कला नहीं है, बल्कि टेस्ट मैच जिताने वाला सबसे खतरनाक और प्रभावकारी हथियार है।
3. सर रिचर्ड हेडली: न्यूजीलैंड के पेस आइकन का बेजोड़ कारनामा
मुख्य रूप से स्पिनरों के दबदबे वाली इस सूची में न्यूजीलैंड के महान तेज गेंदबाज सर रिचर्ड हेडली का होना उनकी असाधारण प्रतिभा और अनुशासन का प्रमाण है। 1973 से 1990 के दौर में जब विश्व क्रिकेट में वेस्टइंडीज की खतरनाक पेस चौकड़ी का राज था, तब हेडली ने अकेले दम पर न्यूजीलैंड के पूरे गेंदबाजी आक्रमण का भार अपने कंधों पर उठाया।
रिचर्ड हेडली ने केवल 86 टेस्ट मैचों में 431 विकेट हासिल किए और अपने छोटे करियर के बावजूद 9 बार एक मैच में 10 विकेट लेने का महान कारनामा किया। 22.29 की उनकी बेजोड़ गेंदबाजी औसत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9/52 का उनका ऐतिहासिक स्पैल उन्हें टेस्ट इतिहास के सबसे सटीक, अनुशासित और घातक तेज गेंदबाजों में शीर्ष स्थान दिलाता है। तेज गेंदबाजों में सबसे ज्यादा बार 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड आज भी उनके नाम दर्ज है।
4. रंगना हेराथ: मुरलीधरन के साये से निकलकर बनाई खास पहचान
श्रीलंका के बाएं हाथ के धीमे गेंदबाज रंगना हेराथ की क्रिकेट यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। अपने करियर के शुरुआती और मध्य भाग में महान मुरलीधरन की मौजूदगी के कारण हेराथ को लंबे समय तक टीम में स्थायी जगह नहीं मिल सकी। हालांकि, जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने अपने करियर के अंतिम दौर में टेस्ट क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
1999 से 2018 के दौरान खेले गए 93 टेस्ट मैचों में रंगना हेराथ ने 433 विकेट हासिल किए। उन्होंने सर रिचर्ड हेडली के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए कुल 9 बार एक मैच में 10 या उससे अधिक विकेट चटकाए। 34 बार पारी में 5 विकेट लेने वाले हेराथ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 9/127 रहा। उन्होंने अपनी सटीक लाइन-लेंथ, धीमी गति और हवा में परिवर्तन से उपमहाद्वीप और विदेशी पिचों पर बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।
5. रविचंद्रन अश्विन: आधुनिक युग के सबसे सफल भारतीय मैच विनर
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपनी घातक फिरकी और बौद्धिक गेंदबाजी शैली से स्वर्णिम अध्याय लिखा है। 2011 से 2024 के बीच अश्विन ने 106 टेस्ट मैचों के अपने शानदार करियर में 537 विकेट अपने नाम किए हैं। इस दौरान उन्होंने 8 बार एक टेस्ट मैच में 10 या उससे अधिक विकेट लेने का बेजोड़ कारनामा अंजाम दिया है।
अश्विन ने 37 बार पारी में 5 विकेट लेने की उपलब्धि हासिल की है और उनका गेंदबाजी औसत 24.00 रहा है। अपनी प्रसिद्ध कैरम बॉल, आर्म बॉल और गति परिवर्तन की कला के दम पर अश्विन आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे बड़े मैच विनर के रूप में उभरे हैं। वह टेस्ट इतिहास में 8 बार 10 विकेट हॉल लेने वाले दुनिया के एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं, जो उनकी निरंतरता और क्षमता को दर्शाता है।



















