गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नशीले पदार्थों की तस्करी की एक चालाकी भरी कोशिश को नाकाम कर दिया गया। कतर एयरवेज की उड़ान संख्या QR534 के अहमदाबाद पहुंचते ही राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई के अधिकारियों ने युगांडा के एक नागरिक को हिरासत में ले लिया। विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर तैनात जांच दल ने संबंधित यात्री को रोका और उससे गहन पूछताछ शुरू की, जिसके बाद यह नशीला पदार्थ बरामद किया गया।
सख्ती से पूछताछ और सामान की बारीकी से पड़ताल
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी यात्री ने अपने पास किसी भी प्रकार का अवैध अथवा प्रतिबंधित सामान होने की बात से साफ इनकार कर दिया। हालांकि, पहले से मिली खुफिया सूचना के कारण अधिकारियों का संदेह पूरी तरह से बना रहा। जांच दल ने उसके सामान और विशेष रूप से उसके ट्रॉली बैग की अत्यंत सूक्ष्मता से जांच शुरू की। ऊपरी तौर पर पूरा बैग देखने और खंगालने पर पहले कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, जिससे पहली नजर में वह बिल्कुल सामान्य लग रहा था।
ट्रॉली बैग के टेलीस्कोपिक हैंडल में गुप्त ठिकाना
जांच के क्रम में सतर्क अधिकारियों की नजर ट्रॉली बैग के ढांचे पर पड़ी, जहां बनावट में कुछ असामान्य बदलाव महसूस हुए। जब बैग के पुर्जों की परत दर परत पड़ताल की गई, तो पता चला कि बैग के टेलीस्कोपिक हैंडल और उसके प्लास्टिक सपोर्ट वाले हिस्सों के भीतर एक गुप्त जगह तैयार की गई थी। इस कैविटी के भीतर पॉलिथीन की थैलियों में सफेद रंग का संदिग्ध पाउडर अत्यंत सावधानी से भरकर छिपाया गया था ताकि किसी सामान्य तलाशी में यह पकड़ में न आ सके।
981 ग्राम कोकीन जब्त और एनडीपीएस कानून में गिरफ्तारी
डीआरआई की टीम ने बैग के पुर्जों को काटकर और खोलकर कुल 981 ग्राम सफेद पाउडर बाहर निकाला। तकनीकी परीक्षण और जांच के उपरांत पुष्टि हुई कि यह मादक पदार्थ कोकीन है। नशीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने पूरी खेप को NDPS Act, 1985 के सख्त प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया और युगांडा के नागरिक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों की पड़ताल
इस जब्ती के बाद जांच एजेंसियां पूरे आपूर्ति तंत्र की तह तक पहुंचने में जुटी हैं। डीआरआई के अधिकारी अब यह पता लगा रहे हैं कि कोकीन की यह खेप किस देश या स्रोत से लाई गई थी और गुजरात में इसे किस स्थानीय तस्कर या रिसीवर को सौंपा जाना था। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह भी है कि इस पूरे मामले के पीछे कौन सा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट सक्रिय है और भारत तथा विदेशों में इसके कौन से मददगार शामिल हैं।



















